Saturday , 18 August 2018
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‘गुरू’ के पास दफन जयाम्मा

amma_funeralचेन्नई। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक की महासचिव जे. जयललिता का मंगलवार शाम यहां मरीना बीच पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सुश्री जयललिता के मार्गदर्शक रहे एम जी रामचंद्रन की समाधि के पास उन्हें दफनाया गया। अंतिम संस्कार का विधान उनकी करीबी सहयोगी रही शशिकला नटराजन ने पूरा किया। मरीना बीच पर इस दौरान जन सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों की संख्या में शोकाकुल लोगों ने जाति, संप्रदाय और धर्म से ऊपर उठकर उन्हें अश्रुपूर्ण अंतिम विदाई दी। उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई।
इस मौके पर तमिलनाडु के राज्यपाल सी विद्यासागर राव, नव नियुक्त मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम, केन्द्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, एमडीएमके महासचिव वाइको, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, बड़ी संख्या में अन्नाद्रमुक के सांसद, विधायक तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
जयललिता के पार्थिव शरीर को तिरंगे से लिपटे ताबूत में राजाजी हॉल से मरीना बीच लाया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग ‘अम्माÓ को अंतिम विदाई देने के लिए खड़े थे। मरीना बीच तक पहुंचने में अंतिम यात्रा को आधा घंटे का समय लगा।
इससे पहले राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजाजी हॉल में सुश्री जयललिता के अंतिम दर्शन किये और पुष्पचक्र चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की । इनके अलावा नायडू, केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पी राधाकृष्णन और कई नेताओं ने राजाजी हॉल से सुश्री जयललिता की अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
सुश्री जयललिता का सोमवार देर रात अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था। केन्द्र सरकार ने उनके निधन पर एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की और सभी जगह सरकारी इमारतों पर राष्ट्र ध्वज आधा झुका रहा। तमिलनाडु में सात दिन के शोक की घोषणा की गयी है।
सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान सुश्री जयललिता के पार्थिव शव को लेकर आये और उसे चंदन की लकड़ी से बने ताबूत में रखा गया। राज्यपाल ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाया। इसके बाद सशस्त्र बलों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रीमती शशिकला के पति एम नटराजन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद तिरंगे को सुश्री जयललिता के पार्थिव शरीर से हटाया गया और ध्वज शशिकला को दे दिया गया।
शशिकला द्वारा अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के बाद ताबूत बंद कर दिया गया।
जयललिता को रविवार शाम को दिल का दौरा पडऩे के बाद से ही उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया था। उन्हें बुखार और शरीर में पानी की कमी के कारण 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पार्थिव शरीर को पुलिस वाहनों और सशस्त्र सुरक्षाबलों के काफिले के साथ अस्पताल की एम्बुलेंस से पोस गार्डन स्थित उनके आवास ले जाया गया और वहां से उसे आम जनता के दर्शन के लिए गवर्नमेंट एस्टेट स्थित राजाजी हॉल ले जाया गया। हजारों बिलखते लोगों ने अपनी प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सुश्री जयललिता के पार्थिव शरीर को बीच रोड के जरिये मंगलवार सुबह करीब छह बजे राजाजी हॉल ले जाया गया। वह अक्सर इसी रास्ते से राज्य सचिवालय जाती थीं। सुश्री जयललिता के फिल्मी और राजनीतिक मार्गदर्शक रहे एमजीआर के पार्थिव शरीर को भी राजाजी हॉल में रखा गया था। उनका भी दिसंबर के महीने में वर्ष 1987 में निधन हो गया था। ‘अम्माÓ के अंतिम दर्शन के लिए महिलाओं समेत हजारों लोग सड़क के दोनों ओर लंबी-लंबी कतारों में खड़े थे।
जयललिता के पार्थिव शरीर को जिस ताबूत में लाया गया उसे उनकी पसंदीदा हरे रंग की साड़ी से लपेटा गया था। अन्नाद्रमुक के ध्वज में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे ही राजाजी हॉल पहुंचा, सुरक्षा कर्मियों ने उसे तिरंगे में लपेट दिया। आम जनता ने शाम चार बजे तक सुश्री जयललिता के दर्शन किये।चेन्नई। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री स्वर्गीय जे. जयललिता को श्रद्धांजलि दी। 74 दिनों से अस्पताल में भर्ती जयललिता ने सोमवार रात को अंतिम सांसें ली। विशेष विमान से चेन्नई पहुंचे प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए राजाजी हॉल लाया गया जहां उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे जयललिता के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। चेन्नई एयरपोर्ट पर गवर्नर सी विद्यासागर राव ने मोदी का स्वागत किया। राजाजी हॉल में प्रधानमंत्री जब जयललिता के पार्थिव शरीर के समक्ष पुष्प चक्र रखकर पनीरसेल्वम की ओर बढ़े तो वह भावुक हो गए। प्रधानमंत्री ने उन्हें गले से लगाया और हिम्मत बनाए रखने के लिए कहा। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने जयललिता की करीबी मित्र शशिकला नटराजन के सिर पर हाथ रख कर ढांढस बंधाया। राजाजी हॉल में जयललिता के अंतिम दर्शनों के लिए जुटी भारी भीड़ में से जब प्रधानमंत्री होकर गुजरे तो बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी वहां मुस्तैदी के साथ तैनात थे। प्रधानमंत्री मोदी ने हाथ जोड़कर सबका अभिवादन किया और लोगों से यह अनुरोध भी करते दिखाई दिए कि वे अपने मोबाइल फोन पर तस्वीरें न लें।

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