भारत-रूस शिखर सम्मेलन

India-Russia Summit
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भारत महान शक्ति और भरोसेमंद दोस्त, चुनौतियों में भी रूस- भारत दोस्ती कायम

नई दिल्ली (एजेंसी)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में सोमवार शाम रूसी राष्ट्रपति की अगवानी की। दोनों नेता 21वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी कहा कि कोरोना से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद भारत-रूस संबंधों की वृद्धि की गति में कोई बदलाव नहीं आया है। हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले कुछ दशकों में दुनिया ने कई मूलभूत परिवर्तन देखे और विभिन्न प्रकार के भू-राजनीतिक समीकरण सामने आए लेकिन भारत और रूस की दोस्ती कायम रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच संबंध वास्तव में अंतरराज्यीय मित्रता का एक अनूठा और विश्वसनीय माडल है।

बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि हम भारत को एक महान शक्ति, एक मित्र राष्ट्र और समय की कसौटी पर खरे उतरने वाले मित्र के रूप में देखते हैं। हमारे देशों के बीच संबंध बढ़ रहे हैं और मैं इसमें एक नया भविष्य देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि मुझे भारत का दौरा करके बहुत खुशी हो रही है। पिछले साल दोनों देशों के बीच ट्रेड में 17 फीसद की गिरावट हुई थी परन्तु इस साल पहले 9 महीनों में ट्रेड में 38 फीसद की बढ़ोतरी देखी गई है।

साथ ही रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हम सहयोगी हैं और बहुत महत्वपूर्ण चीजों पर साथ काम कर रहे हैं जिसमें ऊर्जा क्षेत्र, अंतरिक्ष सहित उच्च तकनीक शामिल हैं। आज हमने यहां जिन प्रोग्राम पर बात की है उन्हें पूरी तरह से लागू किया जाएगा जिसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग शामिल है।

बता दें कि भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन के बाद दोनों देश घोषणा पत्र के संकेतक जारी करेंगे। अफगानिस्तान पर भारत को रूस के शिखर स्तर पर समर्थन मिलने की संभावना है। हाल ही में सीरिया मुद्दे पर रूस को भारत ने बड़ा समर्थन दिया है। इसके पहले भारत और रूस के बीच 2+2 मंत्रिस्तरीय की वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री शामिल हुए।

गौरतलब है कि भारत और रूस के बीच एके-203 राइफलों के लिए 5,000 करोड़ रूपये से ज्यादा की डील हुई है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के अमेठी में 5 लाख से ज्यादा राइफलों का उत्पादन किया जाना है।


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