वंदे भारत: भारत को मिली सबसे आधुनिक ट्रेन, गांधीनगर से मुंबई 547 किमी का सफर पांच घंटे में पूरा करेगी, किराया 1385 से 2505 तक

Vande Bharat overtakes bullet train, catches speed of 100 kmph in 52 seconds
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अहमदाबाद (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर से नई पीढ़ी को वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन को रवाना किया। प्र.म. मोदी ने वंदेभारत ट्रेन में अहमदाबाद तक यात्रा भी की और नई वंदे भारत ट्रेन के रोमांच को महसूस किया। अपने ट्रायल रन से इंटरनेट पर सनसनी बनी यह ट्रेन बेहद खास है। इसमें तमाम नई खूबियां जोड़ी गई हैं। यह महज गांधीनगर से मुंबई 547 किमी का सफर पांच घंटे और मिनट में पहुंच जाएगी। वंदे भारत 2.0 गांधीनगर केपिटल से मुंबई सेंट्रल के मध्य चलने वाली देश की पहली नेक्स्ट जेनरेशन सेमी हाईस्पीड ट्रेन है। दिल्ली की दो रूटों पर बड़ी सफलता के बाद भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई स्पीड ट्रेन अब गुजरात की पटरियों पर दम दिखाएगी।

कवच और ब्लैक बॉक्स से लैस

वंदे भारत 2.0 के पास कवच की सुरक्षा है। ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम इसमें लगाया गया है। आपदा स्थिति के लिए हर कोच में 4 विशेष लाइटें हैं। इतना ही नहीं ड्राइविंग कोच में सिग्नल एक्सचेंज लाइट की सुविधा जोड़ी गई है। एयरक्राफ्ट के ब्लैकबॉक्स की तर्ज पर किसी भी अनहोनी की स्थिति के ड्राइवर और गार्ड के बीच का कम्युनिकेशन रिकॉर्डेड रहेगा। इतना ही नहीं पैसेंजर गार्ड के बीच संवाद के लिए वॉइस रिकॉर्डिंग फैसिलिटी जोड़ी गई है। ट्रेन में आधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। इन खूबियों के अलावा ट्रेन के अंदर यात्रियों को अच्छी हवा मिलेगी। एयर प्यूरिफिकेशन होगा, इसके लिए एंटी बैक्टिरियल सिस्टम लगाया गया है।

सबसे आधुनिक ट्रेन

वंदे भारत एक्सप्रेस में इन सुविधाओं के अलावा दूसरे दमदार फीचर्स हैं जो इस ट्रेन को सबसे आधुनिक ट्रेन को श्रेणी में खड़ा करते हैं। इसमें बड़ी खूबी यह है कि यह ट्रेन महज 129 सेकेंड में शून्य से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पकड़ लेगी। वंदे भारत के पहले वर्जन में यह समय 145 सेकेंड का है। बेहतर बैटरी बैकअप होगा। इसकी क्षमता एक घंटे की बजाए तीन घंटे होगी। यात्रियों को जो फीचर सबसे ज्यादा रिलैक्स देगा। वह है फिक्स्ड सीट की जगह रिक्लाइनर सीट का है। अन्य खूबियों में बेहतर फ्लोर प्रूफिंग के साथ एयर कंडीशनिंग की तकनीक को भी बेहतर किया गया है।

आधी लागत में तैयार

वंदे भारत एक्सप्रेस ने भारत में यात्री यात्रा के एक नए युग की शुरूआत की है। मात्र 100 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली यह ट्रेन समान सुविधा वाली आयातित ट्रेन से लगभग आधी लागत में बनकर तैयार हो जाती है। माननीय प्रधान मंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, ट्रेन की प्रमुख प्रणालियों को भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है।

अगस्त 2023 तक देश भर में 75 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का है लक्ष्य है। गुजरात में चलने वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस देश की तीसरी वंदे भारत ट्रेन है। अन्य दो ट्रेनें दिल्ली-वाराणसी और नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलाई जा रही हैं।

आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में प्रधान मंत्री ने अगस्त 2023 तक देश भर में 75 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का लक्ष्य रखा है।


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