भारत ने डेमचोक में बना दी है दुनिया की सबसे ऊंची सड़क, चीन की बढ़ेगी टेंशन

Those who became immortal in history were behind their childhood values: Rajnath Singh
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 28 दिसंबर को भारत के बॉर्डर इलाकों में प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। चीन के साथ करीब 20 महीने से जारी गतिरोध के बीच रक्षामंत्री ने रणनीतिक क्षमताओं की मजबूती की बात की है। उद्घाटन किए गए प्रोजेक्ट्स में चार राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित 24 पुल और तीन सड़कें शामिल हैं। 24 पुलों में नौ जम्मू और कश्मीर, पांच-पांच लद्दाख और हिमाचल प्रदेश, चीन उत्तराखंड, एक-एक सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश में हैं। तीन सड़कों में से दो लद्दाख और एक पश्चिम बंगाल में है।

चिसुमले-डेमचोक सड़क ने इस उद्घाटन समारोह की महफिल लूटी। इस सड़क को लद्दाख के उमलिंग दर्रे पर बनाया गया है। इस सड़क को 19 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर बनाया गया है। आइए इस सड़क की खास बातों के बारे में जानते हैं:

  • चिसुमले-डेमचोक सड़क पर दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़क है। यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
  • काली चोटी वाली 52 किलोमीटर की सड़क पूर्वी लद्दाख के चुमार सेक्टर के कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ती है।
  • यह एक स्ट्रेटजिक पॉइंट पर स्थित है क्योंकि सड़क से जुड़े गांव पूर्वी क्षेत्र में भारत-चीन सीमा के बहुत करीब हैं। इस सड़क का निर्माण हिमांक प्रोजेक्ट के तहत किया गया है।
  • सरकार के मुताबिक इस सड़क की ऊंचाई माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप से भी ज्यादा है। नेपाल में साउथ बेस कैंप 17,598 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि तिब्बत में नॉर्थ बेस कैंप 16,900 फीट की ऊंचाई पर है।
  • यह रोड सियाचिन ग्लेशियर की ऊंचाई से भी काफी ऊपर 17,700 फीट पर है।

Share