भारत मैनचेस्टर में 39 साल से इंग्लैंड को नहीं हरा सका, वनडे सीरीज का फाइनल मुकाबला आज , सीधा प्रसारण दोपहर 3.30 बजे से

October 6 for the World Cup. Team India will leave for
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मैनचेस्टर (एजेंसी)। पिछले मैच में करारी हार का झटका मिलने के बाद भारतीय टीम के रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला के निर्णायक तीसरे वनडे मैच में अपनी बल्लेबाजी रणनीति में थोड़ा बदलाव करने की उम्मीद है जिसमें वह अति सतर्क होने के बजाय निर्भीक होकर खेलना चाहेगी। रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम ने हाल में समाप्त हुई टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के दौरान अति आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया जिससे काफी हद तक सफलता भी मिली लेकिन जिस तरीके से दूसरे वनडे में टीम ने 247 रन के कम स्कोर के लक्ष्य का पीछा किया, उसे देखकर लगता है कि काफी कुछ किया जा सकता है। टीम इंडिया ने 1983 में इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया था। यह वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल था। इसके बाद से टीम इंडिया को जीत नहीं मिली है।

ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर आसान नहीं होगी चुनौती

ओल्ड ट्रैफर्ड पर सुबह होने वाले इस वनडे में हालांकि बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण होगी जहां गेंद काफी मूव करती है और भारत को यहां 2019 में विश्व कप सेमीफाइनल में मिली हार भी ध्यान में रहेगी। ज्यादातर मैचों में रोहित का तरीका परेशानी भरा नहीं है लेकिन मुख्य कोच राहुल द्रविड़ की अगुआई वाला भारतीय टीम प्रबंधन के अपने ही मुद्दे होंगे जिसमें यह भी कि 37 वर्षीय धवन अगले साल होने वाले 2023 वनडे विश्व कप में उनकी पसंद होंगे या नहीं। यह बायें हाथ का खिलाड़ी रोहित और कोहली के अलावा काफी रन जुटाता रहा है, ऐसा इसलिये भी है क्योंकि वह पारी का आगाज करता है लेकिन ऐसा इसलिये भी है कि दो अति प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों ने उन्हें अपना नैसर्गिक खेल खेलने का मौका दिया है।

गेंदबाजों ने किया प्रभावित

जहां तक भारत के गेंदबाजी आक्रमण का संबंध है तो उसने अभी तक पांच सफेद गेंद के मैचों में से चार में तो उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन किया है। बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की और मोहम्मद शमी ने अकसर विकेट चटकाने वाली गेंद फेंकी हैं। युजवेंद्र चहल ने अपनी तकनीक में थोड़ा बदलाव किया है जिससे वह थोड़ी और धीमी गेंद फेंक रहे हैं। प्रसिद्ध कृष्णा लेंथ से उछाल हासिल करने की काबिलियत को देखते हुए बेहतर ही होंगे और हार्दिक पंड्या की गेंदबाजी लय से निश्चित रूप से भारतीय खेमे के चेहरों पर मुस्कान वापस आयी है। चिंता का विषय केवल रविंद्र जडेजा की बायें हाथ की स्पिन गेंदबाजी है जो लगातार नीचे की ओर आ रही है। जडेजा बल्लेबाजी आल राउंडर के रूप में बदलते जा रहे हैं और समय ही बतायेगा कि यह उप महाद्वीप में काम करेगा या नहीं जहां कम से कम दो स्पिनरों को 20 ओवर गेंदबाजी करनी होगी।

जोस बटलर को इंग्लैंड का टी20 और वनडे टीम का नया कप्तान बनाया गया है। ऑयन मॉर्गन संन्यास ले चुके हैं। लेकिन बतौर कप्तान उनकी शुरूआत अच्छी नहीं रही थी। टी20 सीरीज में उन्हें हार मिली थी। ऐसे में वनडे सीरीज जीतकर बटलर वापसी करना चाहेंगे।

खिलाडिय़ों से कुछ अलग चाहते हैं रोहित

रोहित ने दूसरे मैच के बाद कहा, मैं चाहता हूं कि खिलाड़ी टीम की भूमिका देखने के बजाय देखें कि वे अपने खेल के बारे में कुछ अलग कर सकते हैं। अगर वे उस स्थिति से टीम को बाहर निकालते हैं तो सोचिये कि उनके आत्मविश्वास में इससे कितनी बढ़ोतरी होगी। टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शुरू से तेज खेलने का तरीका शानदार रहा और ऐसा नहीं है कि यह 50 ओवर के प्रारूप में काम नहीं कर सकता। बल्कि इंग्लैंड की स्टार सुसज्जित बल्लेबाजी लाइन अप भी पहले दो मैचों में पूरी तरह से फॉर्म से बाहर दिखा और जिससे लगा कि मेजबान टीम में जोस बटलर, जॉनी बेयरस्टो, जेसन रॉय, बेन स्टोक्स और लियाम लिविंगस्टोन जैसी काबिलियत के खिलाड़ी पुराने जमाने का वनडे मैच खेल रहे हैं।


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