भारत बना एशिया का सबसे बड़े रक्षा आयातक: SIPRI रिपोर्ट

भारत बना एशिया का सबसे बड़े रक्षा आयातक: SIPRI रिपोर्ट
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स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हाल में आई रिपोर्ट के अनुसार, 2016 & 2020 के बीच भारत एशिया का सबसे बड़ा हथियार आयातकों में से एक देश बन गया था।  इस अवधि के दौरान 42% बिक्री के साथ दुनिया के हथियारों के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा था।

चीन को लेकर खतरा हो सकता है इसका एक कारण

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत के अलावा पाकिस्तान,ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और यहां तक ​​कि चीन भी इस क्षेत्र में सबसे बड़ा आयातक था। एक वरिष्ठ शोधकर्ता सीमन टी वीज़मैन ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती चीनी आक्रामकता के बारे में बढ़ती धारणा  इसका एक कारण हो सकता है कि कुछ देशों ने अपने रक्षा आयात में वृद्धि की है। एशिया और ओशिनिया के कई देशों के लिए, एक बड़े खतरे के रूप में चीन की बढ़ती धारणा हथियारों के आयात का मुख्य कारण हो सकती है।

2016-20 तक चीन दुनिया का 5वां सबसे बड़ा हथियार निर्यातक था। हालांकि, 2011-15 और 2016-2020 के बीच इसके निर्यात में 7.8% की गिरावट आई है। कुल हथियारों के निर्यात में 5% से अधिक की हिस्सेदारी के साथ, चीन के मुख्य ग्राहक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अल्जीरिया थे।

‘मेक इन इंडिया’को बढ़ावा दे रहा भारत

भारत वर्तमान में अपनी आत्मनिर्भर पहल ‘मेक इन इंडिया’ का अनुसरण कर रहा है, जिसके तहत नई हथियारों के आयात में 33% की कटौती कर रक्षा उपकरणों के स्वदेशी विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। यह कदम भारत के रक्षा उपकरणों के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता रूस को प्रभावित करेगा।

90% कम हुआ रूस का हथियार निर्यात

सूत्रों के अनुसार रूसी हथियारों का निर्यात 22% कम हो गया है, हालांकि 2016-2020 में निर्यात में इसका 20% हिस्सा था। भारत में इसके निर्यात में लगभग 90 % की कमी हुई है।

भारतीय हथियारों के आयात में गिरावट का मुख्य कारण इसका जटिल और लंबा खरीद प्रक्रियाओं का तरीका है इन सब के बावजूद, अमेरिका सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बना हुआ है, जिसने 2011-15 और 2016-20 के बीच हथियारों के निर्यात की अपनी वैश्विक हिस्सेदारी को 32 से 37 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।  2016-17 में अमेरिका ने 96 देशों को बड़े हथियारों की आपूर्ति की, जो किसी अन्य आपूर्तिकर्ता से कहीं अधिक है।


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