किस मामले में हुई राकांपा नेता, नवाब मलिक की गिरफ्तारी, क्या है दाऊद इब्राहिम और अंडरवल्र्ड कनेक्शन?

In which case arrested NCP leader, Nawab Malik, what is Dawood Ibrahim and underworld connection?
Share

मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कद्दावर नेता नवाब मलिक को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि जिस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है, वह अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ा धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला है। प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे मामले में जिस पहलू की जांच कर रही है, उसका जिक्र कर भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही नवाब मलिक को घेर चुके हैं। दरअसल, मलिक पर आरोप हैं कि उन्होंने कथित तौर पर दाऊद इब्राहिम के एक साथी से बाजार भाव के मुकाबले काफी कम दर पर एक प्रॉपर्टी खरीदी थी और इससे जुड़ी जानकारियां भी छिपाईं।

नवाब मलिक पर किन लोगों से संबंध रखने के आरोप?

9 नवंबर को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवेंद्र फडणवीस ने नवाब मलिक पर अंडरवल्र्ड से संबंध रखने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि मलिक ने अंडरवल्र्ड के दो लोगों से जमीन का सस्ते में सौदा कर लिया था। उन्होंने जिन दो नामों का जिक्र किया था, उनमें एक सरदार शाह वली खान और दूसरा मोहम्मद सलीम पटेल का था।

  1. फडणवीस ने कहा था कि सरदार शाह वली खान 1993 बम ब्लास्ट का गुनाहगार है, जिसने टाइगर मेमन का सहयोग किया था, साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई महानगर पालिका में बम कहां रखना है इसकी रेकी की थी. उसने ही टाइगर मेमन की गाडिय़ों में आरडीएक्स लोड कराया था। उसे 2007 में टाडा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
  2. दूसरे शख्स मोहम्मद सलीम पटेल का जिक्र करते हुए फडणवीस बोले कि वह दाऊद इब्राहिम का आदमी था। उसे फडणवीस ने हसीना पारकर का ड्राइवर, बॉडीगार्ड बताया। पूर्व सीएम बोले, हसीना पारकर जब 2007 में अरेस्ट हुई तो सलीम पटेल भी अरेस्ट हुआ था। रिकॉर्ड से पता चला कि दाऊद के फरार होने के बाद हसीना के नाम से जो संपत्तियां जमा होती थीं। उसका पावर ऑफ अटॉर्नी सलीम के पास था। ये सलीम पटेल हसीना के सारे बिजनेस (जमीन कब्जे) का प्रमुख था।

अंडरवल्र्ड से जमीन खरीद का आरोप?

  1. फडणवीस ने आरोप लगाया कि कुर्ला में एलबीएस रोड पर 3 एकड़ जगह है, जो काफी महंगा इलाका है। इस जमीन की एक रजिस्ट्री सोलिडस नाम की कंपनी के नाम पर हुई जो कि नवाब मलिक के परिवार की है और इसका मालिक मलिक फराज नाम का एक व्यक्ति है। फडणवीस के मुताबिक, इसकी बिक्री सरदार शाह वली खान और सलीम पटेल ने की थी। जमीन सोलिडस कंपनी को बेची गई थी।
  2. महाराष्ट्र के पूर्व सीएम बोले कि जमीन की कीमत काफी ज्यादा थी, बावजूद इसके इसे सिर्फ 30 लाख में खरीदा गया, जिसमें से सिर्फ 20 लाख रूपये दिए गए। इनमें 15 लाख सरदार शाहवली खान के पास पहुंचे, जबकि 5 लाख रूपये मोहम्मद सलीम को दिए गए। भाजपा नेता ने पूछा था कि 2005 में जब सौदा हुआ तब नवाब मलिक सरकार में मंत्री थे। आखिर सौदा कैसे हुआ? मुंबई के गुनाहगारों से जमीन क्यों खरीदी गई? पूर्व सीएम ने आगे कहा कि इन दोषियों पर उस वक्त टाडा लगा था। कानून के मुताबिक, टाडा के दोषी की संपत्ति सरकार जब्त करती है। क्या टाडा के आरोपी की जमीन जब्त ना हो, इसलिए यह आपको ट्रांसफर की गई?
  3. फडणवीस ने कहा कि नवाब मलिक के परिवार ने इस जमीन की कीमत को साढे 3 करोड़ रूपए दिखाया, ताकि स्टाम्प ड्यूटी कम भरनी पड़े। जब इसका पेमेंट करने की बात आई तब इसकी कीमत 25 रूपये प्रति स्क्वायर फुट की दर से बताई गई, लेकिन पेमेंट 15 रूपये प्रति स्क्वायर फीट के रेट से किया गया। फडणवीस ने कहा कि नवाब मलिक ने जब उस जमीन को खरीदा था तब वहां का रेडी रेकनर रेट 8 हजार रूपये था और बाजार भाव 2053 रूपये प्रति स्क्वायर फुट था। इस प्रकार तीन एकड़ जमीन को मात्र 20 लाख रूपये में यह जमीन खरीदी गई। यह सौदा 2003 में शुरू होकर 2005 में खत्म हुआ।

आरोपों पर क्या था नवाब मलिक का जवाब?

  1. फडणवीस के आरोपों को निराधार बताते हुए नवाब मलिक ने तब पलटवार करते हुए कहा था कि जिस जमीन का जिक्र हो रहा है, वहां उनके परिवार ने पहले ही वह जमीन एक गोदाम के लिए किराए पर ले रखी थी। बाद में उसका मालिकाना हक सॉलिडस द्वारा लिया गया। जमीन की मूल मालकिन मुनीरा पटेल थीं, जो खुद हमें जमीन बेचने आगे आई थीं। हालांकि, उन्होंने अपनी जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी सलीम पटेल को दी थी।
  2. शाहवली खान से संबंधों के आरोप को लेकर मलिक ने कहा था, उसके (शाहवली के) पिता हमारी खरीदी हुई जमीन में वॉचमैन थे। उन्होंने किसी तरह अपना नाम प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड में डाल दिया था और करीब 300 मीटर जमीन पर दावा किया था। जब हमें इसका पता चला तो हमने इसके पैसे अलग से दिए।

गौरतलब है कि जिस सॉलिडस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए ये सारे सौदे किए गए उसे 1973 में नवाब मलिक के परिवार ने ही खड़ा किया था। फिलहाल नवाब मलिक के बेटे आमिर नवाब मलिक और उनकी पत्नी मेहजबीन नवाब मलिक इस कंपनी के निदेशक हैं।


Share