24 घंटे में महाराष्ट्र में 48 दिल्ली में 45 जनों ने दम तोड़ा, संक्रमितों में भी उछाल

In 24 hours, 48 ​​in Maharashtra, 45 people died in Delhi, there was a jump in the infected too.
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में तीसरी लहर का विकराल रूप सामने आ रहा है। तीसरी लहर का हब दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना के मामले डराने वाले हैं। देश की राजधानी दिल्ली में आज कोरोना से मरने वालों की संख्या ने पिछले साल जून के रिकॉर्ड की बराबरी कर दी है। हालांकि दिल्ली में कोरोना मामलों में थोड़ी बढ़ोत्तरी देखने को मिली लेकिन महाराष्ट्र में कोरोना केसों में उछाल जारी है। आज दिल्ली में कोरोना के नए केस 11 हजार पार कर गए तो महाराष्ट्र में कोरोना मामले 46 हजार पार हो गए।

महाराष्ट्र में कोरोना से हाहाकार : महाराष्ट्र में कोरोना केसों में आज मामूली कमी देखी गई है। आज महाराष्ट्र में कोरोना के 46393 नए केस सामने आए। जबकि 30795 लोग ठीक हुए। वहीं, प्रदेश में कोरोना से 48 मौतें दर्ज हुई हैं। प्रदेश में ओमिक्रॉन के 416 नए मरीज सामने आए हैं। शुक्रवार को प्रदेश में कोविड-19 के 48,270 नए मामले सामने आये थे जिनमें ओमीक्रोन के 144 मामले शामिल थे और 52 लोगों की कोरोना से मौत दर्ज हुई थी। प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 279930 हो गई है।

दिल्ली में रिकॉर्ड मौतें दर्ज : राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। यहां शनिवार को 11,486 कोरोना संक्रमण के नए मामले आए, जो शुक्रवार को आए आंकड़ों से ज्यादा हैं। इतना ही नहीं बीते 24 घंटे के दौरान 45 मरीजों की मौत हो गई, पिछले साल 5 जून के बाद सबसे ज्यादा मौतें हैं। पिछले साल 5 जून को कोरोना से 48 मौतें दर्ज हुई थी। हालांकि केस घटने के साथ ही संक्रमण दर भी घटकर 16.36 प्रतिशत हो गई है जो एक दिन पहले 18.04 प्रतिशत थी और इससे एक पहले यह 21.48त्न थी। वहीं आज 14,802  लोग संक्रमण से ठीक हुए।

कर्नाटक में 42 हजार पार नए केस : कर्नाटक में कोरोना मामलों में उछाल जारी है। पिछले 24 घंटों में यहां 42,470 नए कोरोना केस दर्ज हुए। कर्नाटक में आज 35,140 ठीक हुए, जबकि आज कोरोना से 26 मौतें हुईं हैं। प्रदेश में सक्रिय मामले 3,30,447 हैं और सकारात्मकता दर 19.33त्न पहुंच गई है।

एक निजी अस्पताल के अध्ययन में सामने आया है कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर के दौरान इस महामारी जान गंवाने वाले 60 फीसदी लोगों का या तो बिल्कुल टीकाकरण नहीं हुआ था या फिर पूर्ण टीकाकरण नहीं हुआ था। यह अध्ययन मैक्स हेल्थकेयर की ओर से किया गया है। इसके अनुसार जान गंवाने वालों में 70 वर्ष से अधिक आयु वाले और विभिन्न बीमारियों से पीडि़त लोगों की संख्या अधिक रही है।


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