लड़की हूं लड़ सकती हूं… क्या कोरोना से ऐसे लड़वाएंगी प्रियंका? | कांग्रेस ने मैराथन का आयोजन कराया, मची भगदड़, 30 छात्राएं घायल

I am a girl, I can fight... Will Priyanka fight Corona like this? Congress organized marathon
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लखनऊ (एजेंसी)। यूपी में चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में जुमले हवा में हैं और इन जुमलों को जनता के सामने पेश करने के जोश में राजनीतिक दल होश खो बैठे हैं। नतीजा यह कि कीमत जनता को ही चुकानी पड़ रही है। मंगलवार को बरेली में ऐसा ही कुछ हुआ जब कांग्रेस ने अपने नारे ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ को बढ़ावा देने के लिए मैराथन का आयोजन कराया। मैराथन में मची भगदड़ में 30 छात्राएं घायल हुईं जिनमें से 3 गंभीर हैं। वैष्णो देवी में मची भगदड़ का ठीकरा जनता के माथे फोड़ा जा रहा था पर ऐसे में जब देश भर में कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक हो चुकी है इस रैली से कांग्रेस की बेसिक समझदारी पर ही सवाल उठ खड़ा हुआ है। इन छात्राओं को कांग्रेस ने कई स्कूलों से बुलाकर अपने मैराथन में शामिल कराया था। भगदड़ के बाद खलबली मच गई। आनन-फानन में घायल छात्राओं का एंबुलेंस से ले जाकर उपचार कराया गया। जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच कराने की बात कही है।

करीब 10 हजार छात्राओं को बुलावा भेजा था

इस पूरे आयोजन में करीब 10 हजार छात्राओं को बुलाया गया था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बड़े जोर-शोर से नारा दिया था, लड़की हूं, लड़ सकती हूं। इसी थीम पर शक्ति संवाद महाअभियान की कड़ी में बरेली शहर के बिशप मंडल इंटर कॉलेज के मैदान में कांग्रेस ने मैराथन का आयोजन कराया। हजारों छात्राओं के बीच कोरोना से बचने के लिए जरूरी सोशल डिस्टेंसिंग कैसे कराई गई होगी यह समझ से बाहर है।

मैराथन शुरू होते ही भगदड़

कांग्रेस के सभी नेताओं की मौजूदगी में सुबह आठ बजे दौड़ शुरू की गई। हिस्सा लेने वाली छात्राओं की संख्या इतनी ज्यादा थी कि भगदड़ मच गई। कई छात्राएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं। इससे कई छात्राएं चोटिल हो गईं। अनुमान लगाया गया है कि 30 से ज्यादा छात्राओं के चोट आई है। इनमें से तीन गंभीर हैं।

कॉलेज के मैदान में नहीं थी जगह

भगदड़ क्यों मची इसकी कई वजहें बताई जा रही है। मसलन, जितना बड़ा कॉलेज का मैदान नहीं था उससे ज्यादा छात्राओं को बुलाया गया था। उंगली शिक्षा विभाग पर भी उठ रही है। मौके पर पुलिस बंदोबस्त भी दुरूस्त नहीं था। घटनास्थल पर बदहवास बच्चे और उनके अभिभावक देखे जा सकते थे। जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है लेकिन असल सवाल फिर वहीं है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की एक जिम्मेदार पार्टी की नेता कहलाने वाली प्रियंका गांधी क्या इस बात का जवाब दे पाएंगी कि इस तरह वह कौन सी लड़ाई लड़ रही हैं। महामारी के माहौल में वह क्या इस तरह से कोरोना से लड़ाई का उदाहरण पेश कर रही हैं… कोरोना से क्या इस तरह लड़ेंगी प्रियंका गांधी?


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