पत्नी और चार बच्चों की हत्या कर पति ने की आत्महत्या

पत्नी और चार बच्चों की हत्या कर पति ने की आत्महत्या
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– लॉक डाउन के बाद से ही आर्थिक तंगी जूझ रहा था

उदयपुर/खेरवाड़ा (कार्यालय संवाददाता)। जिले के खेरवाड़ा थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और चार बच्चों की हत्या कर खुद फांसी पर लटक गया। सुबह जब ग्रामीणों को पता चला तो मौके पर काफी संख्या मेें ग्रामीण एकत्रित हो गए वहीं मौके पर पुलिस अधीक्षक सहित आला अधिकारी पहुँचे और घटना की जानकारी ली।

पुलिस सूत्रों के अनुसार रणजीत (35) पुत्र जगदीश मीणा निवासी होली फला रोबिया लॉक डाउन के बाद से ही बेरोजगार चल रहा था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी को लेकर उसकी पत्नी कोकिला मीणा और उसके बीच मेें आए दिन विवाद होता रहता था और रणजीत शराब पीने का भी आदी था। गुरूवार देर रात्रि को पति-पत्नी के बीच में जमकर विवाद हुआ। इससे आवेश में आए रणजीत ने कुल्हाड़ी से हमला कर अपनी पत्नी कोकिला मीणा (32) की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी रणजीत ने खाट पर सो रहे अपने बच्चे जसोदा (6), लोकेश (5), गजी (4) व 9 माह की बेटी गुड्डी के गर्दन पर भी कुल्हाड़ी से वार किया और हत्या कर दी। इसके बाद वह रस्सी लेकर अपने घर से निकल गया और घर से कुछ ही दूरी पर एक पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह जब रणजीत की मां गंगा उसके घर पर आटा देने पहुंची तो बाहर खून को देखकर अनहोनी के चलते उसने ग्रामीणों को बताया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर खेरवाड़ा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण मौके पर पहुँचे। पुलिस ने मकान में जाकर देखा तो रणजीत की पत्नी और चारों बच्चों के शव पड़े हुए थे और रणजीत गायब था। इस पर उसे तलाशा तो रणजीत का शव भी पेड़ से लटका हुआ मिल गया। एक साथ पांच की हत्या और हत्यारे द्वारा आत्महत्या करने की घटना पर हड़कंप मच गया और मौके पर पुलिस अधीक्षक कैलाश चन्द्र बिश्नोई,  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मुकेश सांखला, डिप्टी विक्रम सिंह, ऋषभदेव थानाधिकारी शैलेंद्र सिंह, बावलवाडा थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया, पहाड़ा थानाधिकारी जीवत राम मीणा, खेरवाड़ा उपखंड अधिकारी प्रमोद सीरवी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों की सूचना पर दोपहर को एफएसएल टीम भी पहुंची । टीम ने फांसी लगाने वाले स्थान और उस घर पर जहां महिला और बच्चों की हत्या की उसकी बारीकी से जांच कर सैंपल लिए। एसपी कैलाश चंद्र विश्नोई ने बताया कि घटना बेहद दर्दनाक है घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस को मृतक के परिचितों और आस पड़ोसियों ने बताया कि रणजीत मजदूरी करता था। लॉक डाउन के बाद से ही परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इससे रणजीत काफी तनाव में भी रहता था। परिजनों के अनुसार आर्थिक तंगी के चलते वह शराब भी पीने लगा था और इसी कारण विवाद होता रहता था। पुलिस ने सभी मृतकों का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

कोई भी सरकारी योजना का लाभ नही मिला

जानकारी के अनुसार रणजीत का न तो राशनकार्ड बना था न ही आधारकार्ड। इसके कारण उसे आज दिन तक कोई सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिला है। मकान भी नाम का ही था मकान की जगह पर छप्पर था। जिसमें कोई दरवाजा भी नहीं था। सिर्फ पेड़ की छोटी-छोटी लकडिय़ों को आपस में बांधकर दरवाजा बनाया हुआ था।


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