आपदा कैसे आई और कितना नुकसान हुआ – ठंड में ग्लेशियर फटना सामान्य घटना नही

आपदा कैसे आई और कितना नुकसान हुआ - ठंड में ग्लेशियर फटना सामान्य घटना नही
Chamoli: Rescue operations underway near Dhauliganga hydropower project after a glacier broke off in Joshimath causing a massive flood in the Dhauli Ganga river, in Chamoli district of Uttarakhand, Sunday, Feb. 7, 2021. (PTI Photo)(PTI02_07_2021_000196B)
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  1. ऋषिगंगा और धौलीगंगा में जल स्तर बढ़ा

चमोली के तपोवन इलाके में सुबह करीब साढ़े 10 बजे ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा में गिर गया। इससे नदी का जल स्तर बढ़ गया। यही नदी रैणी गांव में जाकर धौलीगंगा से मिलती है इसीलिए उसका जल स्तर भी बढ़ गया। नदियों के किनारे बसे घर बह गए। इसके बाद आसपास के गांवों को खाली कराया गया।

  1. ऋषिगंगा और एनटीपीसी का प्रोजेक्ट तबाह

ऋषिगंगा नदी के किनारे स्थित रैणी गांव में ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट पड़ता है। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो गया है। यहां से करीब 15-20 मजदूर लापता हैं। यहीं पर जोशीमठ मलारिया हाईवे पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन का बनाया ब्रिज भी टूट गया। यहीं पर 6 चरवाहे और उनके मवेशी पानी में बह गए। यहां रेस्क्यू टीमें पहुंच चुकी हैं। ऋषिगंगा का पानी जहां धौलीगंगा से मिलता है, वहां भी जल स्तर बढ़ गया। पानी एनटीपीसी प्रोजेक्ट में घुस गया। इस वजह से गांव को जोडऩे वाले दो झूला ब्रिज बह गए। एनटीपीसी प्रोजेक्ट में काम करने वाले करीब 150 मजदूरों की जान जाने की आशंका है।

  1. अब तक 10 शव बरामद किए गए

यहां अब तक 10 शव बरामद किए गए हैं। एनटीपीसी की सुरंग से 16 मजदूरों को बचाया गया है। रेस्क्यू टीमें लगातार ऑपरेशन चला रही हैं।

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  1. रेस्क्यू में लगी आर्मी और एयरफोर्स

एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी के अलावा आर्मी ने भी अपने 600 जवान चमोली भेजे हैं। इसके अलावा वायुसेना ने एमआई-17 और ध्रूव समेत तीन हेलिकॉप्टर रेस्क्यू मिशन पर भेजे हैं। वायुसेना ने कहा कि जरूरत पडऩे पर और एयरक्राफ्ट भेजे जाएंगे।

  1. प्र.म. की नजर, मुख्यमंत्री रावत चमोली पहुंचे

हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की और हर मदद का भरोसा दिया। त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद चमोली पहुंच चुके हैं।

  1. हेल्पलाइन नंबर जारी, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1905, 1070 और 9557444486 जारी किए हैं। सरकार ने अपील की है कि इस घटना के बारे में पुराने वीडियो सर्कुलेट कर अफवाह न फैलाएं। हरिद्वार में कुंभ मेला चल रहा है और इसलिए वहां अलर्ट जारी किया गया है।

  1. क्या खतरा अब भी है?

उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, श्रीनगर, ऋषिकेश और हरिद्वार में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर जा सकता है। उत्तर प्रदेश में गंगा के किनारे बसे शहरों में अलर्ट जारी किया गया है। बिजनौर, कन्नौज, फतेहगढ़, प्रयागराज, कानपुर, मिर्जापुर, गढ़मुक्तेश्वर, गाजीपुर और वाराणसी जैसे कई जिलों में अधिकारी लगातार नजर रख रहे हैं।

ठंड में ग्लेशियर फटना सामान्य घटना नहीं

उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में ग्लेशियर फटने से मचे हाहाकार से वैज्ञानिक भी हैरान हैं। वैज्ञानिकों का तर्क है कि सर्दियों में ग्लेशियर फटने की यह घटना पहली बार देखी है। वैज्ञानिकों ने इसे असामान्य घटना बताया है।

वजह तलाशने में जुटे वैज्ञानिक : वैज्ञानिक ग्लेशियर फटने की इस घटना पर हैरान हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन ज्योलॉजी के वैज्ञानिक डॉ अमित कुमार कहते हैं कि पहली बार कोई ग्लेशियर ठंड में टूटा है, यह उनके लिए अचंभित करने वाली घटना है। कई और वैज्ञानिक इसको लेकर अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। कुछ का कहना है कि जमीन के नीचे कटाव के कारण भी ऐसा हो सकता है, वैज्ञानिक इस घटना के बाद इसके कारणों को लेकर जांच करने में जुट गए हैं। वैज्ञानिक मानते हैं यह गर्मियों में होता तो कोई नई बात नहीं थी, लेकिन सर्दियों में ग्लेशियर फटने की घटना ने उन्हें जरूर चौंकाया है, फिलहाल ग्लेशियर फटने की सही वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसको लेकर वैज्ञानिकों की टीम अपने स्तर पर कारणों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है।


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