और कितने ‘पूर्व’ लगाओगे मेरे नाम के आगे : पायलट, कांग्रेस विधायक सोलंकी ने कहा- अब समय है ‘पायलट लाओ, राजस्थान बचाओ’

और कितने 'पूर्व’ लगाओगे मेरे नाम के आगे : पायलट, कांग्रेस विधायक सोलंकी ने कहा- अब समय है 'पायलट लाओ, राजस्थान बचाओ’
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  राज्यसभा चुनावों की वोटिंग के बाद शनिवार को सियासत गरमा गई। करौली के श्रीमहावीरजी में शुक्रवार को किसान सम्मेलन और शहीद प्रतिमा अनावरण समारोह में हुए भाषणों के बाद ऐसे संकेत मिल रहे हैं। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी के भाषणों की सियासी हलकों में खूब चर्चा है।

सचिन पायलट ने किसान सम्मेलन में कहा- अभी भाषण में ये नाम ले रहे थे, पूर्व ये पूर्व वो। इस कम उम्र में बहुत से ‘पूर्व’ लगा दिए मेरे नाम के पीछे। मुझे पेंशन मिलती है पार्लियामेंट से। मैं पूर्व सासंद भी तो हूं। पूर्व उप मुख्यमंत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, अब और कितने ‘पूर्व’ लगाओगे मेरे नाम के आगे। इस बयान के मायने सियासत से जोड़े जा रहे हैं।

फिर सियासी टकराव के संकेत

सचिन पायलट की मौजूदगी में समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने ‘पायलट लाओ, राजस्थान बचाओÓ की बात कहकर कांग्रेस में आने वाले दिनों में फिर सियासी टकराव के संकेत दे दिए। वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा- अभी कहा कि 40 डिग्री टेंपरेचर है। आपने यहां का टेंपरेचर तो नाप लिया, लेकिन लोगों के दिलों में कितना टेंपरेचर है, यह नहीं मापा। लोगों के दिलों का टेंपरेचर नापना पड़ेगा। इनके दिलों का टेंपरेचर नहीं नापा गया तो समय नहीं बचेगा।

पायलट जो कहते हैं, वह करते हैं

सोलंकी ने कहा- हम नौजवानों के बीच कह रहे हैं। यह बात बार-बार कहते हैं। हम एक बात बार-बार कहते हैं कि हम कांग्रेस के हितैषी हैं। हम युवा और गरीब की बात करते हैं। कांग्रेस की सरकार दोबारा आएगी, तभी गरीबों का हित होगा। कांग्रेस की सरकार दोबारा कैसे आएगी, यह आप लोग जानते हो। आप समझते हो। अब देने की बारी हम जैसे विधायकों की है। अब आलाकमान के देने की बात है। पायलट साहब का जहां पसीना गिरता है, हम साथ रहते हैं। हम साथ इसलिए रहते हैं कि पायलट जो कहते हैं, वह करते हैं। वे और नेताओं की तरह नहीं हैं, जो कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं।

बयानों से कांग्रेस में फिर खींचतान के संकेत

सचिन पायलट की मौजूदगी में उनके समर्थक विधायक वेद सोलंकी ने ‘पायलट लाओ’ की बात कहकर कांग्रेस में फिर खींचतान बढऩे के संकेत दे दिए हैं। पायलट के पास फिलहाल कोई जिम्मेदारी नहीं है। अब उनके समर्थक नेता पायलट को फिर से जिम्मेदारी देने की बात उठा सकते हैं। सचिन पायलट राजस्थान में सरकार रिपीट करने के लिए काम करने के बारे में पहले बयान दे चुके हैं।

अब आगे पायलट समर्थक और मुखर हो सकते हैं।


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