वामपंथी जिस कांग्रेस के हाथ को काला बोलते थे, आज वही हाथ सफेद कैसे हो गया रे?

वामपंथी जिस कांग्रेस के हाथ को काला बोलते थे, आज वही हाथ सफेद कैसे हो गया रे?
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कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शंखनाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में गरजे। उन्होंने आजादी के बाद कांग्रेस की सरकार से लेकर वामदलों के 30 साल के शासन और वर्तमान ममता बनर्जी की सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पोरिवर्तन (परिवर्तन) की इस लड़ाई में कांग्रेस, वामदल और टीएमसी सबने बंगाल की जनता को ठगा है। भाजपा ओसोल पोरिवर्तन लाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ पश्चिम बंगाल में सत्ता का पोरिवर्तन करना ही नहीं है। हम बंगाल की राजनीति को विकास केंद्रित करना चाहते हैं। इसलिए हम ओसोल पोरिवर्तन की बात कर रहे हैं। ओसोल पोरिवर्तन के इस महायज्ञ में बंगाल के लोगों को भी ये भी याद रखना है कि उनके साथ किस तरह का छल बार-बार लगातार किया गया है, इसे भूलना नहीं है। आजादी के नारे पर कांग्रेस सत्ता में आई थी। आजादी के बाद कुछ समय काम हुआ, लेकिन फिर बंगाल पर वोट बैंक की राजनीति हावी होती चली गई। इस राजनीति को वाम पंथियों ने और बढ़ाया और नारा दिया- कांग्रेसेर कालो हाथ  भेंगे दाओ, गुडिय़े दाओ! ऐसे ही नारों के दम पर वामपंथी सत्ता में आए, लगभग तीन दशक तक सत्ता संभाली। आज उस काले हाथ का क्या हुआ? जिस हाथ को वामपंथी काला समझते थे, वो आज सफेद कैसे हो गया रे? जिस हाथ को तोडऩे की बात करते थे, आज उसी का आशीर्वाद लेकर वो चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा- अब और अन्याय नहीं

वामपंथियों के विरूद्ध ममता दीदी ने पोरिवर्तन का नारा दिया था। पश्चिम बंगाल से मां, माटी, मानुष के लिए काम करने का वादा किया था। पिछले 10 साल से यहां ञ्जरूष्ट की सरकार है, क्या सामान्य बंगाली परिवार के जीवन में वो परिवर्तन आया जिसकी उसे अपेक्षा थी? आज बंगाल का मानुष परेशान है, वो अपनी आंखों के सामने अपनों का खून बहता देखता है। वो अपनों को अपनी आंखों के सामने लुटते हुए देखता है। वो अपनों को इलाज के अभाव में दम तोड़ते हुए देखता है। पूरा बंगाल अब एक स्वर में कह रहा है- आर नॉय औन्नॉय।


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