Thursday , 16 August 2018
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सुरक्षा बलों को भारी कामयाबी

15 नक्सली ढेर, 2 गिरफ्तार

सुकमा। छत्तीसगढ़ के घुर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सोमवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 15 नक्सली मारे गए जबकि एक महिला नक्सली समेत दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल आपरेशन) डी.एम. अवस्थी ने रायपुर में तथा बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानन्द ने जगदलपुर में अलग-अलग प्रेस कान्फ्रेन्स में कहा कि अभी भी इस इलाके में नक्सलियों के साथ सुरक्षा बलों के दूसरे ग्रुप के साथ मुठभेड़ जारी है। उन्होंने बताया कि कल से सर्चिंग पर निकले सुरक्षा बलों ने कोन्टा से गोलापल्ली के बीच नलका टाउन में 3 नक्सल समूहों के कैम्प पर जब धावा बोला तो दूसरी ओर से जवाबी फायङ्क्षरग हुई।
उन्होंने बताया कि दोनो तरफ से लगभग एक घंटे फायङ्क्षरग हुई जिसके बाद नक्सली भाग गए। सुरक्षा बलों ने बाद में मुठभेड़ स्थल पर 15 नक्सलियों के शव बरामद किये है। सुरक्षा बलों ने मौके से एक शातिर पांच लाख के इनामी नक्सली देवा को तथा मुठभेड़ में घायल एक महिला नक्सली को गिरफ्तार किया गया है। नक्सलियों के शहीदी सप्ताह के दौरान सुरक्षा बलों की इस बड़ी कार्रवाई में 4 आईईडी तथा 16 हथियार भी बरामद किए गए है।
अवस्थी ने बताया कि कोन्टा से लगभग 20 किलोमीटर दूर घने जंगलों में पहली बार नक्सलियों की मांद में सुरक्षा बलों द्वारा पहुंचकर आपरेशन किया गया, जिसमें उन्हें बड़ी कामयाबी हासिल हुई। यह इलाका नक्सली काफी सुरक्षा मानते रहे है और इसी कारण ही यहां पर वह कैम्प लगाते रहे है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मारे गए नक्सलियों के काडर में बड़े नेता भी शामिल हो सकते है, लेकिन शवों की शिनाख्त के बाद ही स्थिति साफ होगी।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों से पुलिस को कुछ अहम जानकारियां शुरूआती पूछताछ में मिली है। उन्होंने बताया कि जिस इलाके में आपरेशन हुआ है उस इलाके में कोई नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। सुरक्षा बलों के दल के वापस आने के बाद और भी जानकारियां हासिल होगी। उन्होंने मौके से विदेशी हथियार मिलने की जानकारी से इंकार किया।
अवस्थी ने कहा कि सुरक्षा बलों की एक दूसरी टीम के साथ इलाके में अभी भी मुठभेड़ जारी है। उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जारी मुठभेड़ के बारे में फिलहाल और जानकारी देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान मारे गए नक्सलियों के शव लेकर कोन्टा के लिए रवाना हो गए है। सुरक्षा बलों के जवान सुरक्षित कैम्प में वापस पहुंच जाय, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी भेजा गया है। आपरेशन के बाद लौटते सुरक्षा बलों पर नक्सलियों के हमले का खतरा बना रहता है। इलाका दुर्गम है और रास्ते में पडऩे वाले नदी नालों के उफान के कारण लौटना और भी चुनौती भरा है।मुख्यमंत्री ने दी चेतावनी
अभी दो दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह घोषणा कर चुके हैं कि नक्सली या तो आत्मसमर्पण करें वरना फोर्स उन्हें मारने के लिए बिल्कुल तैयार है। इसके पहले सरकार लगातार यह कहती रही है कि नक्सली हथियार छोड़कर यदि मुख्यधारा में शामिल होना चाह रहे हों तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि अब छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नीति बदल दी है।2022 तक नक्सलवाद के खत्मे का दावाइस बीच, छत्तीसगढ़ पुलिस ने 2022 तक नक्सलवाद के खत्म होने का दावा किया है। ‘एंटी नक्सल ऑपरेशनÓ के स्पेशल डीजी डीएम अवस्थी का दावा है कि पिछले ढाई वर्षों में अकेले बस्तर जिले में नक्सलियों को जानमाल का जबरदस्त नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में नक्सलवाद जड़ से खत्म हो जाएगा। पिछले हफ्ते नक्सली घटनाओं का ब्यौरा पेश करते हुए उन्होंने बताया था कि अगस्त 2017 से जुलाई 2018 तक 116 माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि खुद नक्सलियों ने की है। उनके मुताबिक, पुलिस रिकॉर्ड में पिछले दो वर्षों में 247 नक्सली मारे गए, जबकि 416 इनकाउंटर किए गए हैं।

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