7 माह बाद रूस से भारत आएगा हितेंद्र का शव, कब्र से निकालकर भारत भेजा जाएगा

7 माह बाद रूस से भारत आएगा हितेंद्र का शव, कब्र से निकालकर भारत भेजा जाएगा
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उदयपुर. नगर संवाददाता & जिले के खेरवाड़ा उपखण्ड निवासी हितेंद्र गरासिया के शव के भारत आने की अब उम्मीद जागी है। रूस में मौत होने पर गरासिया का शव वहीं पर दफना दिया था, जिसका परिजनों ने विरोध किया और अपनी आवाज को दिल्ली तक उठाया। इस पर अब रूस शव को बाहर निकलवाकर भारत भेजने की तैयारी कर रहा है।

हितेन्द्र गरासिया का शव आगामी कुछ दिनों में भारत आ सकता है। सात माह पूर्व मौत होने पर स्थानीय सरकार ने हितेन्द्र के शव को भारत भेजने के बजाए वहीं दफना दिया था। जिसको लेकर परिजनों ने धरना प्रदर्शन किया था। अब उसके शव को कब्र से वापस निकालने की सहमति मिल गई है। उसके गांव तक शव पहुंचाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी। हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से यह बताया गया कि रूस में हितेंद्र का शव दफना दिया गया था।

मगर भारत में उसके परिवार की मांग के चलते अब कब्र से शव निकालकर भारत भेजा जाएगा। हाईकोर्ट की ओर से यह सूचना मिलने के बाद हितेंद्र के शव को पैतृक गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी लेने गुरूवार को मृतक पुत्र पीयूष गरासिया और कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस पहुंचे। दिल्ली में मृतक के परिजन का धरना प्रदर्शन जारी है।  हितेंद्र गरासिया के पुत्र पीयूष गरासिया ने जंतर मंतर पर कहा कि भारत सरकार ने ही सुनियोजित तरीके

से उसके पिता के शव को रूस में कब्र में दफनावाया है।

पीयूष ने कहा कि यह बहुत दुखद रहा कि कई बार प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय जाकर ज्ञापन देने के बावजूद भारत सरकार ने परिजनों की बिना सहमति और सूचना दिए उसके पिता के शव को दफनवा दिया गया। भारत सरकार ने तो अपने अत्याचारों में कोई कमी नहीं रखी।


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