ऐतिहासिक हरियाली अमावस्या का मेला आज

ऐतिहासिक हरियाली अमावस्या का मेला आज
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नगर संवाददाता . उदयपुर। शहर में कोरोना बंदिशों के चलते दो साल बाद एक बार फिर हर्षोल्लास के साथ 28 व 29 जुलाई को हरियाली अमावस्या के मेले लगेंगे। मेले को लेकर इस बार लोगों में खासा उत्साह है। शहर के ऐतिहासिक सहेलियों की बाड़ी और फतेहसागर पर मेलार्थियों के खान-पान व मनोरंजन के लिए झूले आदि की व्यवस्था की गई है। फतहसागर में जल स्तर 10 फीट तक पहुंच जाने से इस बार मेले का आनंद दुगुना हो गया है। मेला स्थल यूआईटी सर्कल, सुखाडिय़ा सर्कल से लेकर फतहसागर पाल तक पर 335 दुकानें नगर निगम की ओर से आंवटित की गई है जिससे 10 लाख की आय हुई है। फतह सागर की पाल से लगाकर यूआईटी सर्कल तक 9 बड़े झूले भी लगाए जाएंगे। इस ऐतिहासिक मेले की शुरुआत उदयपुर के महाराणा फतह सिंह के कार्यकाल में वर्ष 1898 में हुई थी। तब फतहसागर देवाली तालाब कहलाता था व इसकी पाल बनाकर फतहसागर नाम दिया गया। पाल बनने के बाद पहली बार भरे फतह सागर को देखने महाराणा फतह सिंह रानी के साथ पहुंचे तब रानी ने कहा कि सबका मेला तो हरियाली अमावस्या पर लगेगा मगर महिलाएं घरों से कब निकलेंगी। इस पर महाराणा ने मेवाड़ की महिलाओं को हरियाली अमावस्या के दूसरे दिन मेला सिर्फ महिलाओं के लिए मेला भरने का आदेश दिया। तब दो दिवसीय मेले के दूसरे दिन सिर्फ महिलाओं का मेला लगता है।


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