हिन्दू vs  हिन्दुत्व, भाजपा की पिच पर क्यों खेल रहे राहुल?

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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। रैली तो महंगाई को लेकर थी मगर राहुल गांधी ने हिन्दू और हिन्दुत्व को लेकर खूब बोला और जमकर बोला। वैसे आमतौर पर ये पिच भाजपा नेताओं की होती है। कांग्रेस के बड़े इन दो शब्दों (हिन्दू और हिन्दुत्व) से परहेज करते हैं। राहुल गांधी ने हिन्दू और हिन्दुत्व को लेकर गांधी और गोडसे में अंतर भी समझाया। ये सबकुछ बताने के दौरान उनके निशाने पर प्र.म. मोदी रहे।

महंगाई हटाओ रैली में हिन्दू और हिन्दुत्व छाया रहा

जयपुर में महंगाई हटाओ रैली के दौरान राहुल ने बताया कि भारत हिन्दुओं का देश है, हिंदुत्ववादियों का नहीं। उन्होंने कहा कि मैं हिन्दुत्ववादी नहीं, मैं हिन्दू हूं। देश में महंगाई है, दर्द है तो यह काम हिन्दुत्ववादियों ने किया है। हिन्दुत्ववादियों को किसी भी हालत में सत्ता चाहिए। हिन्दू और हिन्दुत्ववाद को दो अलग अलग शब्द बताते हुए राहुल ने कहा कि जिस तरह से दो जीवों की एक आत्मा नहीं हो सकती, वैसे ही दो शब्दों का एक मतलब नहीं हो सकता। क्योंकि हर शब्द का अलग मतलब होता है। उन्होंने कहा कि हिंदू वो है जो किसी से नहीं डरता जो सबको गले लगता है। देश से हिन्दुत्ववादियों को वापस निकालना है, हिन्दुओं का राज लाना है।

खुर्शीद की किताब से शुरू हुआ हिन्दू और हिन्दुत्व

इससे पहले 12 नवंबर 2021 को राहुल गांधी ने हिन्दू और हिन्दुत्ववाद में फर्क बताया था। मौका था सलमान खुर्शीद के किताब पर हुए विवाद का। सलमान खुर्शीद ने अपनी किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ में हिन्दुत्व को आतंकी संगठन बोको हराम और इस्लामिक स्टेट जैसा बताकर बवेला खड़ा कर दिया था। तब राहुल गांधी ने कहा था कि हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व दो अलग-अलग चीजें हैं। कांग्रेस पार्टी प्यार और राष्ट्रवाद की राजनीति करती है लेकिन इस विचारधारा पर आरएसएस-भाजपा की नफरत वाली सोच हावी हो गई है। इस दौरान राहुल ने सलमान खुर्शीद और उनकी किताब का नाम तो नहीं लिया है लेकिन जिस तरह से उन्होंने हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व को लेकर जो बातें कही हैं वो खुर्शीद की सोच का समर्थन करने वाला था।


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