कश्मीर में फिर हिंदू निशाने पर- आतंकियों ने स्कूल में घुस 2 शिक्षकों को भूना

सीरियल हमलों के 3 दिन बाद श्रीनगर में आतंकवादियों द्वारा 2 शिक्षकों की हत्या
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श्रीनगर  (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में गुरूवार को आतंकियों ने एक स्कूल में घुसकर दो शिक्षकों को गोली मार दी। मरने वालों में दीपक चांद और प्रिंसिपल सतिंदर कौर शामिल हैं। सतिंदर कौर की मां रोते हुए एक ही बात कह रही हैं कि मुझे गोली मारो, उसे क्यों मार दिया? मुझ बूढ़ी को गोली मारो।

वहीं दीपक चांद के परिवार वालों ने कहा कि कश्मीर जन्नत नहीं है, हमारे परिवार के लिए तो यह जहन्नुम है। उन्होंने रोते हुए हाथों से इशारा करके बताया कि इतनी सी बच्ची है उसकी। हमें अब तक धमकी भरे फोन आ रहे हैं। पिछले 30 साल से हमें निशाना बनाया जा रहा है।

गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकंडरी स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि हम यहां कमरे में बैठकर चाय पी रहे थे, तभी दूसरी तरफ शोर सुना। उस वक्त करीब 11 बजे बजे होंगे। थोड़ी देर बाद गोलियों की आवाज सुनाई दी। इसे सुनकर हम डर गए। प्रिंसिपल मैडम और एक टीचर बाहर कुर्सियों पर बैठे थे। यहां और लोग इकट्ठा होने लगे, तो हम बाहर निकले। हमने देखा कि प्रिंसिपल और एक टीचर वहां गिरे पड़े हैं। प्रिंसिपल मैडम मूवमेंट कर रही थीं, पर दूसरे टीचर के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। मैं बयान नहीं कर सकता कि ये कितना बड़ा नुकसान है।

डीजीपी बोले- स्थानीय मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि यह स्थानीय मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश है। कश्मीर के सांप्रदायिक सौहार्द्र को खत्म करने की साजिश के तहत निहत्थे नागरिकों को मारा जा रहा है। इससे आतंकियों की निराशा और क्रूरता साफ झलक रही है। आतंकी कश्मीर में अमन-चैन और भाईचारे को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन हम उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे।

मेयर ने कहा- आतंकियों को पाकिस्तान का सपोर्ट हासिल

श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू ने कहा कि हम सब जानते हैं इस वारदात को किसने अंजाम दिया है। इन आतंकियों को पाकिस्तान की मदद हासिल है। मैं तो कहता हूं सांप को सांप बोलिए। ये हमारे समाज को बर्बाद करने निकले हैं। ये वही सिख कम्युनिटी है, जिसने उन हालात में भी यहां रहना मंजूर किया, जब कोई यहां नहीं रहना चाहता था। अगर हम अपने लोगों के लिए खड़े नहीं होंगे तो कौन होगा। हमें सड़कों पर आना होगा और एक समाज के तौर पर यह संदेश देना होगा कि हम यह नहीं होने देंगे।


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