झीलों में नाव संचालन को लेकर हाईकोर्ट का फैसला, नावों को 6 महीने में बैट्री या सोलर में कन्वर्ट करना होगा

High Court's decision regarding boat operation in lakes, boats will have to be converted to battery or solar in 6 months
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नगर संवाददाता . उदयपुर। शहर की प्रमख पीछोला और फतहसागर झील में बोटिंग को लेकर हाईकोर्ट जोधपुर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीछोला और फतहसागर झील में चलने वाली पेट्रोल-डीजल नावों को अगले छह महीने में बेट्री या सोलर में कन्वर्ट करना होगा। साथ ही इस मामले में नाव संचालकों को संबंधित विभाग नगर निगम या यूआईटी को हाईकोर्ट में शपथ पत्र भी पेश करने को कहा गया है। हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लेकर सुनवाई की है और झील प्रेमी जीपी सोनी ने भी न्यायालय में रिट लगाई थी। हाईकोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि झील और उसकी परिधि क्षेत्र में जो गतिविधियां होंगी। वे सब गतिविधियां राजस्थान झील विकास प्राधिकरण एक्ट 2015 के नियमों के तहत ही हो सकेंगी। इस एक्ट के तहत झीलों की सीमा को संरक्षित करने के निर्देश भी हाईकोर्ट ने दिए हैं। इस मामले में निगम की तरफ से अनुराग शुक्ला ने पैरवी की।

झील प्रेमी कर चुके है पेट्रोल-डीजल की नावें बंद करने की मांग

गौरतलब है कि झीलों में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली नावों को बंद करने की मांग झील प्रेमी सहित कई लोग लम्बे समय से कर रहे हैं। झील संरक्षण समिति की बैठकों में भी यह मांग कई बार उठाई गई है। झील प्रेमियों का कहना है कि पैट्रोल-डीजल से चलेन वाली इन नावों से झील को नुकसान होता है। जलीय जीव जो झील में रहते हैं यह उनके लिए भी काफी हानिकारक है।


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