उदयपुर सहित 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट , गढ़ी में 5 एवं जयसमंद-प्रतापगढ़ में 3 इंच तक बरसात

बारिश से तरबतर हुआ राजस्थान, 22 जिलों के लिए अलर्ट; पाली में 2 इंच से ज्यादा बारिश
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़ सहित राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में मंगलवार से बारिश का दौर शुरू हो गया है। इन इलाकों में पिछले 24 घंटे में अच्छी बरसात हुई है।
बांसवाड़ा जिले के गढ़ी में सबसे ज्यादा करीब 5 इंच (120 मिमी) बरसात हुई है। उधर, मध्य प्रदेश में तेज बारिश के कारण काली सिंध और चम्बल नदी में लगातार पानी आ रहा है। काली सिंध और कोटा बैराज से 14,472 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम केन्द्र जयपुर के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के 5 जिलों बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर व झालावाड़ में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई है।

मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार, मंगलवार देर रात से बुधवार अलसुबह तक बांसवाड़ा के गढ़ी में रुक-रुककर अच्छी बरसात हुई। बांसवाड़ा के सज्जनगढ़, कुशलगढ़, माही डैम में भी अच्छी बरसात हुई। माही बजाज सागर बांध में 10495 क्यूसेक पानी की आवक हुई, जिससे बांध का गेज 274.70 आरएल मीटर से बढ़कर 275 पर पहुंच गया है।
बूंदी, झालावाड़, जोधपुर, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिले के कई इलाकों में अच्छी बरसात हुई। प्रतापगढ़ शहर और उदयपुर के जयसमंद में 3 इंच से ज्यादा बरसात हुई है।

म.प्र. की बारिश से राजस्थान लबालब

राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश के कई शहरों में पिछले कई दिनों से हो रही अच्छी बरसात के कारण राजस्थान में बहने वाली चम्बल, काली सिंध नदियों में लगातार पानी आ रहा है। इस कारण इन नदियों पर बने काली सिंध और कोटा बैराज बांध के गेट खोलकर लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान कोटा बैराज के एक गेट से 2475 और काली सिंध के 2 गेट से 11997 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ये लगातार जारी है। इसी तरह त्रिवेणी नदी के चलने से टोंक के बीसलपुर बांध का गेज भी लगातार बढ़ रहा है। यहां पिछले 24 घंटे के दौरान 353 क्यूसेक पानी आने के बाद बांध का गेज 310.92 आरएल मीटर से बढ़कर 310.95 पर पहुंच गया। इसी तरह सेई बांध (सिरोही-उदयपुर) से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पाली के जवाई बांध का गेज बढ़कर 9.14 आरएल मीटर से बढ़कर 9.28 आरएल मीटर पर पहुंच गया।

आगे क्या? : जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि ओडिशा के ऊपर बना सिस्टम डेवलप हुआ था। वह बुधवार को कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल गया है।


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