बिहार में भारी लापरवाही: बच्चों को कोवैक्सिन की जगह लगाई कोवीशील्ड | देश में जिस वैक्सीन का बच्चों पर ट्रायल नहीं, बिहार के नालंदा में 2 भाइयों को वही लगा दी, सर्टिफिकेट में कोवैक्सीन लिखा हुआ मिला

Heavy Negligence in Bihar: Coveshield was used instead of Covaxin to children, in Nalanda, Bihar, 2 brothers were given the same
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नालंदा (एजेंसी)। देश में जिस वैक्सीन का अब तक बच्चों पर ट्रायल ही नहीं हुआ है, बिहार में 2 बच्चों को उसी वैक्सीन की डोज लगा दी गई। मामला नालंदा का है, जहां दो भाइयों को कोवैक्सिन की जगह कोवीशील्ड का टीका लगा दिया गया। जब बच्चों ने इस बारे में स्वास्थ्य कर्मचारी से शिकायत की तो उसने कह दिया कि कोवीशील्ड लेने से कोई परेशानी नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही के शिकार दोनों भाई पीयूष रंजन और आर्यन किरण बिहारशरीफ की प्रोफेसर कॉलोनी के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि हमने रविवार को कोवैक्सिन के लिए स्लॉट बुक कराया था। इसके बाद आज हम 10 बजे के करीब नालंदा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित टीकाकरण केंद्र ढ्ढरू्र हॉल गए। वहां सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद हमने टीका लगवाया। टीकाकरण के बाद पता चला कि हम दोनों को कोवैक्सिन की जगह कोवीशील्ड का टीका लगा दिया गया है। उनके माता-पिता को अनहोनी की चिंता सता रही है। उन्हें डर लग रहा है कि उनके बेटों को कहीं कुछ हो न जाए। किशोर के पिता ने कहा कि एक तो वैक्सीन देने में लापरवाही बरती गई, दूसरा जो सर्टिफिकेट जेनरेट किया गया है, उसमें भी कोवीशील्ड की जगह कोवैक्सिन ही दर्शाया गया है।

सीएस ने कहा- कर्मी से मांगा है स्पष्टीकरण

पिता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग खुद को सुरक्षित और बच्चों को असुरक्षित करने में लगा है। जब हम लोगों ने इसकी शिकायत की तो अधिकारियों ने आनन-फानन में टीका देने वाले दोनों कर्मियों को वहां से हटा दिया। इस पर क्या कार्रवाई हुई, हमें नहीं पता।

सीएस डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है। टीका देने वाले कर्मी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। दरअसल जो कर्मचारी पूर्व में टीका दे रही थी, वह कोरोना पॉजिटिव हो गई थी। उसकी जगह पर आई नई जीएनएम से यह गलती हुई है। किशोर के परिजनों को आश्वस्त कर दिया गया है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग का नंबर उपलब्ध करा दिया गया है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर 24 घंटे मेडिकल सेवा उनके लिए उपलब्ध करा दी गई है।

बच्चों को ड्यूटी पर तैनात जीएनएम ने वैक्सीन नहीं लगाई। वो बैठी रहीं और उनकी जगह पर जीएनएम के एक छात्र ने दोनों को टीका लगाया।


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