हीटवेव ने बनाया नया रिकॉर्ड, 3 महीनों में सबसे ज्यादा 51 दिन चली लू

Summer will haunt for 3 more days, monsoon will be active from June 27; mercury crosses 40 in 6 districts
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। भीषण गर्मी से जूझ रहा राजस्थान इस साल हीटवेव का देशभर में प्रमुख स्पॉट बना रहा है। इस साल देशभर में सबसे ज्यादा हीटवेव का दौर राजस्थान में चला है। आलम यह है कि बीते तीन महीनों में 51 दिनों तक प्रदेश में हीटवेव का दौर रहा। यही कारण है कि पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा गर्म साल 2022 रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक जब किसी जगह का तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाता है तो हीट वेव का अलर्ट जारी किया जाता है। राजस्थान में इस साल मार्च के महीने से ही हीटवेव जारी है। प्रदेश में 11 मार्च से हीटवेव का दौर शुरू हुआ था। वह अब तक लगातार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में आमतौर पर अप्रेल में हीटवेव शुरू होती है। लेकिन इस साल मार्च से ही हीटवेव का दौर शुरू हो गया था। राजस्थान में इस बार साल 2019 की तुलना में दोगुना से ज्यादा दिनों तक हीटवेव चली। वर्ष 2019 में महज 20 दिन ही हीटवेव चली थी। लेकिन इस बार पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण यह साल बीते एक दशक में सबसे ज्यादा गर्म रहा है।

राजस्थान में अप्रेल के 21 दिन चली हीटवेव

मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस बार मार्च, अप्रेल और मई के महीनों के 51 दिन हीटवेव के रिकॉर्ड किए गए हैं। इस साल मार्च के महीने में 15 दिन, अप्रेल के 21 दिन और मई महीने के 15 दिन तक हीटवेव चली है। लगातार चली हीटवेव के कारण बीते एक दशक में वर्ष 2022 सबसे गर्म साल रिकॉर्ड किया गया है।

मार्च में सबसे पहले बाड़मेर में चली हीटवेव

इस साल समय से पहले हीटवेव की शुरूआत पश्चिमी राजस्थान में स्थित बाड़मेर से हुई। लगातार हीटवेव जारी रहने के कारण राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इस बार सबसे ज्यादा पारा श्रीगंगानगर में 48.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की किरण पांडे ने बताया की हीटवेव का सबसे बड़ा कारण ग्लोबल वार्मिंग है।

आने वाले समय में गंभीर परिणाम दिख सकते हैं

राजस्थान में लगातार जारी हीटवेव के चलते अलग-अलग सेक्टर प्रभावित हुए हैं। एक ओर जहां आमजन गर्मी और लू से बेहाल रहा तो पानी और बिजली की डिमांड भी जबर्दस्त बढ़ी। हीटवेव का दौर साल दर साल इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले बरसों में इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे।


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