तब डॉगी को बिस्कुट, अब मोबाइल… कांग्रेस से जाते-जाते राहुल पर बड़ा सवाल खड़ा कर गए हार्दिक

Hardik Patel's another attack on Congress, said- 'The party does not speak on the issues of Hindus'
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नई दिल्ली (एजेंसी)। वैसे तो, कांग्रेस के चिंतन शिविर में जनाधार को मजबूत करने पर मंथन हुआ लेकिन एक हफ्ते भी नहीं बीते और पार्टी की चिंता बढऩे लगी है। चिंता इस बात की कि जब नेता ही साथ नहीं रहेंगे तो जनता से जुड़ाव कैसे होगा। युवा जोश के साथ गुजरात के जिस नेता को पार्टी में शामिल कर कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव की रणनीति बना रही थी, उसने इस्तीफा दे दिया है। 3 भाषाओं में लिखे इस्तीफे की वजह पढ़ें तो निशाना सीधे कांग्रेस नेतृत्व पर है। भले ही कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सोनिया गांधी के पास हो, लेकिन ऐसा माना जाता है कि पूरा काम राहुल गांधी ही देखते हैं। और हार्दिक ने अपने पत्र के तीसरे पैरे की पहली लाइन में जो बात लिखी है वह पूरी कांग्रेस के लिए चिंता की बात है। एक समय असम के वर्तमान मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंता बिस्व सरमा कांग्रेसी हुआ करते थे। बाद में भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी की गंभीरता पर सवाल खड़ा किया था और अब वही बात हार्दिक पटेल ने दोहरा दी है। जी हां, हार्दिक ने लिखा है, ‘मैं जब भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिला तो लगा कि नेतृत्व का ध्यान गुजरात के लोगों और पार्टी की समस्याओं को सुनने से ज्यादा अपने मोबाइल पर रहा।Ó ऐसे समय में जब कांग्रेस पार्टी सिकुड़कर दो राज्यों में सत्ता में बची है, 2024 का लोकसभा चुनाव आने वाला है, गुजरात समेत कई राज्यों में अगले एक साल में विधानसभा चुनाव होने हैं, पार्टी नेतृत्व की गंभीरता पर सवाल चिंता की बात है।

हार्दिक की तीन लाइनें राहुल को चुभ रही होंगी

हार्दिक पटेल 3 साल पहले कांग्रेस में आए थे। उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ विरोध की राजनीति तक सीमित रह गई है…। उनके शब्द अपने आप स्पष्ट कर रहे हैं कि उनके दिमाग में इस समय क्या चल रहा है या वह आगे क्या फैसला ले सकते हैं। लेकिन अगर उनके इस्तीफे को कांग्रेस नेतृत्व या राहुल गांधी के लिहाज से ही देखा जाए तो हार्दिक पटेल ने कई सवाल खड़े किए हैं।

  1. कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में किसी भी मुद्दे के प्रति गंभीरता की कमी एक बड़ा मुद्दा है।
  2. मैं जब भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिला तो लगा कि नेतृत्व का ध्यान गुजरात के लोगों और पार्टी की समस्याओं को सुनने से ज्यादा अपने मोबाइल और बाकी चीजों पर रहा।
  3. जब भी देश संकट में था या कांग्रेस को नेतृत्व की सबसे ज्यादा आवश्यकता थी, तो हमारे नेता विदेश में थे।

इन तीन लाइनों में वो एक शब्द जिसकी सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है, वह है मोबाइल। राहुल गांधी की कुछ तस्वीरें शेयर की जाने लगी हैं जिसमें वह महत्वपूर्ण बैठक में दिखते हुए मोबाइल देख रहे हैं।

राहुल की मोबाइल वाली तीन तस्वीरें वायरल

हार्दिक पटेल के इस्तीफे की लाइनें पढ़कर सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की तीन तस्वीरें वायरल हो रही है। एक तस्वीर को यूक्रेन संकट पर विदेश मामलों की बैठक का बताया जा रहा है जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर दिखाई दे रहे हैं और राहुल गांधी मोबाइल में व्यस्त दिखते हैं। दूसरी तस्वीर पुलवामा के शहीगों को श्रद्धांजलि के समय की है जब राहुल मोबाइल देखते दिखाई देते हैं। तीसरी तस्वीर संसद के भीतर की है जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय राहुल गांधी मोबाइल में कुछ करते दिखते हैं।

तब हिमंता ने सुनाया था-  ‘राहुल के पिद्दी  वाला किस्सा’

मोबाइल को लेकर गंभीरता की बात चली तो लोगों को हिमंता बिस्व सरमा की वो बात भी याद आने लगी है जब उन्होंने राहुल गांधी के साथ मुलाकात का किस्सा सुनाया था। वह बात भी राहुल गांधी की गंभीरता पर सवाल खड़े करती थी। दरअसल, कांग्रेस छोडऩे के बाद हिमंता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी से कई बार मिलने की गुजारिश करने के बाद भी उन्होंने वक्त नहीं दिया। एक बार वह उनसे मिले तो उनकी बात सुनने के बजाय राहुल गांधी अपने कुत्ते ‘पिद्दी  को बिस्कुट खिला रहे थे। सरमा ने यह दावा भी किया था कि राहुल गांधी का कुत्ता पिद्दी जिस प्लेट से बिस्कुट खा रहा था, कांग्रेस के कुछ नेता भी उसी प्लेट से बिस्कुट खाते रहे।


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