गुर्जर आंदोलनकारी डटे रहे रेलवे ट्रेक पर

बैंसला गुट के गुर्जरों का पटरियों पर कब्जा
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बयाना (प्रा.सं.)। गुर्जर आरक्षण आन्दोलनकारी सोमवार को दूसरे दिन भी अपनी मांगो को लेकर पीलूपुरा रेल्वे ट्रेक पर अडे रहे। हालांकि इस दिन वहां लोगो की संख्या काफी कम और नीरसता का माहौल था। रविवार को शुरू हुऐ इस आन्दोलन के शुरूआत में लोगो की काफी भीडभाड रही थी। युवाओ का जोश उफान मार रहा था। उन्होने रेल्वे ट्रेक की फिसप्लेटो को भी उखाडकर रेल्वे ट्रेक को क्षतिग्रस्त कर दिया था। आन्दोलनकारियो ने रात भी रेल्वे ट्रेक पर भजन व लोकगीत और रसिया गाते हुऐ व नारेबाजी करते हुऐ बिताई थी। सोमवार को सुबह सवेरे यह आन्दोलनकारी युवक रेल्वे ट्रेक के आस पास उगे हुऐ कई बडे पेडो व झाडियो को उखाड लाऐ। जिन्हें उन्होने रेल्वे ट्रेक पर व पीलूपुरा शहीद स्थल के पास सडक मार्ग पर आडे तिरछे डाल दिया।

जिससे आज सडक मार्ग पर भी दिन भर यातायात प्रभावित रहा। जबकि रेल्वे ट्रेक पर दो दिन से रेल यातायात बाधित है। जिसके चलते यात्रीयो व वाहन चालको को काफी मुश्किलो का सामना करना पड रहा है। हालांकि आज सुबह रेल्वे ट्रेक पर आन्दोलनकारियो की संख्या काफी कम थी जो दोपहर बाद कुछ और लोगो के पहुंचने पर थोडी बढ गई थी। गुर्जर आरक्षण आन्दोलन के संयोजक कर्नल बैसला व उनके पुत्र विजय बैसला भी ट्रेक पर दोपहर बाद पहुंचे। कर्नल बैसला आन्दोनकारियो को सम्बोधित कर अपने स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानीयो के चलते कुछ समय बाद वापिस हिण्डौन लौट गऐ। कर्नल बैसला ने रेल्वे ट्रेक पर मौजूद आन्दोलनकारियो को सम्बोधित करते हुऐ कहा कि आरक्षण के नाम पर समाज के साथ सभी सरकारो ने छलावा और राजनीति की है। और अब भी यही हो रहा है।

हम अपने हक लेकर रहेगे। चाहे हमें कुछ भी करना पडे। और जब तक हमारी मांगे नही मानी जाऐगी तब तक आन्दोलन जारी रहेगा । उन्होने सरकार के जयपुर बार्ता के निमंत्रण को अस्वीकार करते हुऐ कहा कि सरकार को बार्ता करनी है तो यहां पीलूपुरा ट्रेक पर आकर सबके सामने करे जिससे समाज भी सही स्थिति से अवगत हो सके। आन्दोलनकारियो को विजय बैसला व भूराभगत ने भी सम्बोधित किया। इधर इस आन्दोलन को लेकर पुलिस व प्रशासन के तमाम अधिकारी विशेष चौकसी बनाऐ रखे और पल-पल की सूचनाओ का अपडेट लेते देखे गऐ।


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