सस्ती मिलेगी बजरी, 60 खनन क्षेत्रों के लिए लीज जारी

Gravel will be available cheap, lease continues for 60 mining areas
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान में नदियों से वैध बजरी खनन के लिए 60 खनन क्षेत्रों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति जारी हो गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि अब समूचे प्रदेश में नदियों से बजरी के वैध खनन की राह प्रशस्त हो गई है। वहीं बजरी की समस्या का समाधान भी हो गया है। अब राज्य स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरे होने के साथ ही प्रदेश में लगभग सभी क्षेत्रों में बजरी का वैध खनन शुरू हो जाएगा। पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति से प्रदेश में वैध बजरी खनन की समस्या और अवैध बजरी खनन के हो रही समस्याओं के समाधान संभव हो सका है।

सरकार को 600 करोड़ का राजस्व मिलेगा

खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने केन्द्र सरकार से पर्यावरणीय अनुमति मिलने के निर्णय का स्वागत किया है। अग्रवाल ने बताया कि अनुमति जारी होने से राज्य सरकार को 600 करोड़ रूपये का राजस्व होगा। पिछली 11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश जारी होने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत की पहल पर राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर खनिज पट्टों हेतु जारी मंशा पत्रों की वैधता को 13 माह के स्थान पर 68 माह कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार द्वारा जालौर में दो व भीलवाड़ा में एक बजरी खनन पट्टे और उसके बाद 4 दिसंबर को देवली, राजसमंद, नाथद्वारा में बजरी मंशा पत्रों की वैधता की राह प्रशस्त होने से तीन लीज कुल छह बजरी खनन की लीज जारी हो सकी है। बजरी से संबंधित सभी प्रकरणों की मोनेटरिंग व समन्वय के लिए अतिरिक्त निदेशक बीएस सोढ़ा को प्रभारी बनाया हुआ है।

70 मिलियन टन बजरी की मांग

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि एक मोटे अनुमान के अनुसार राज्य में 70 मिलियन टन बजरी की मांग है। इन 60 खनन क्षेत्रों के लिए लीज जारी होते ही प्रदेश में बजरी की समस्या का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा। इससे एक और जहां रियल एस्टेट सहित निर्माण क्षेत्र की बजरी की समस्या का समाधान होगा वहीं एक मोटे अनुमान के अनुसार राज्य सरकार को भी 600 करोड़ रूपए का राजस्व मिलेगा। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार एक्सपर्ट एप्रेजल कमेटी द्वारा रिकमंडडेड सभी 60 प्रकरणों में अनुमति जारी हो गई है। निदेशक माइंस केबी पण्डया ने बताया कि विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की तैयारियां शुरू कर दी गई है।


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