जनजाति क्षेत्र के विकास के लिए योजनाबद्ध रूप से काम कर रही सरकार : मुख्यमंत्री

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जयपुर (कासं)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश के जनजाति क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता और योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। विगत दो वर्षों में इन क्षेत्रों में शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, बिजली, पानी, रोजगार से संबंधित विभिन्न घोषणाओं को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया गया है।

भविष्य में भी इन क्षेत्रों के विकास को लेकर किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के लोगों के कल्याण के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित कर रही है। जनजाति क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लोगों को प्रेरित कर इनका पूरा लाभ दिलाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदिवासी क्षेत्रों में वनाधिकार पट्टों से संबंधित प्रकरणों में पूरी संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेकर लोगों को राहत पहुंचाएं। उन्होंने वनाधिकार पट्टा वितरण के काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सामुदायिक दावों के प्रकरणों पर निर्धारित समय सीमा में निर्णय लिया जाए। गहलोत ने कहा कि टीएसपी क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल के लिए घोषित योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी बालक-बालिकाओं को शिक्षा से जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना समय की मांग है। यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने राज्य में नव स्वीकृत 9 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। गहलोत ने कहा कि जनजाति विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सहित अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।  गहलोत ने कहा कि इन क्षेत्रों में वन विभाग की आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर विकास परियोजनाओं एवं सड़क निर्माण कार्यों को गति दी जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।  जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि राज्य सरकार टीएसपी क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों में यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। सभी टीएसपी छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में इन्टरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की स्वीकृति जारी कर दी गई है। साथ ही, बेणेश्वर धाम, समईमाता जैसे धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी स्वीकृतियां जारी की गई हैं।

जनजाति क्षेत्रीय विकास आयुक्त जितेन्द्र उपाध्याय ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि कोविड के समय 6 लाख जनजाति कृषकों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए संकर मक्का बीज के नि:शुल्क मिनी किट उपलब्ध कराए गए। उन्होंने बताया कि जयपुर में 18 करोड़ रूपये की लागत से ट्राइबल यूथ हॉस्टल एवं करियर काउंसलिंग सेन्टर तथा प्रतापगढ़ एवं बांसवाड़ा में 12 करोड़ रूपये की लागत से इनडोर स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण जल्द पूरा होने वाला है।  बैठक में क्षेत्रीय विधायकों ने जनजाति क्षेत्र के विकास एवं आवश्यकताओं के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए और कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने जनजाति क्षेत्र के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए हैं।  इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज रोहित कुमार सिंह, अति. मुख्य सचिव जलदाय सुधांश पंत, प्रमुख वित्त सचिव अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव गृह अभय कुमार, प्रमुख शासन सचिव जनजाति क्षेत्रीय विकास शिखर अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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