छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती का आदेश सरकार ने वापस लिया

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती का आदेश सरकार ने वापस लिया
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केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं में निवेश पर ब्याज दरों को कम करने के अपने निर्णय को कुछ ही घंटों में वापस ले लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस बारे में ट्वीट किया है। तदनुसार, लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें अगले वित्तीय वर्ष के लिए ‘यथावत’ हैं। सीतारमण ने कहा है कि गलती से जारी किए गए इन आदेशों को वापस लिया जा रहा है।

सरकार ने कोरोना संकट के कारण पिछले साल लगातार तीन तिमाहियों के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को स्थिर रखा था।  हालांकि, संशोधित दरों की घोषणा वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन की गई थी। तदनुसार, छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कमी की गई। ये नई दरें आज से लागू होनी थीं। हालांकि, अब फैसला पलट दिया गया है सीतारमण ने कहा कि नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में, छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वित्तीय वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही की तरह ही होंगी।

अगर कल के फैसले के अनुसार ब्याज दरें लागू की गई होतीं, तो सबसे बड़ी हिट वरिष्ठ नागरिकों और सुकन्या समृद्धि योजना पर होती। पीपीएफ पर ब्याज दर घटकर 6.4 प्रतिशत पर आ गई। 1974 के बाद यह सबसे कम ब्याज दर थी। हालांकि, सरकार की वापसी के कारण इसे टाला गया है।

ये योजनाएं हैं भारत में-

भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर 2020-2021 की अंतिम तिमाही के लिए वर्तमान दर पर रहेगी, अर्थात मार्च 2021 तक लागू होगी। इन योजनाओं में किसान विकास पत्र (KVP), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS), सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना शामिल हैं।

1.सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय योजना है। सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर 7.6 प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दी है। जो पहले जैसा ही रहेगा।

2.सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ)

पीपीएफ मध्यम वर्ग के लिए सबसे लोकप्रिय कर बचत योजना है। सरकार ने पीपीएफ पर ब्याज दरों में 70 फीसदी अंकों की कटौती के बाद यह नई दर 6.4 फीसदी थी जो पहले 7.1 फीसदी थी।

3.वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)

केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को 7.4 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था।

4.किसान विकास पत्र (KVP)

ब्याज दरों को कम करने के केंद्र सरकार के फैसले ने किसान विकास पत्र की नकल की है।  ब्याज दरों में गिरावट के कारण यह अवधि 124 महीने से बढ़ाकर 138 दिन कर दी गई। लेकिन अब यह वैसा ही रहेगा। योजना किसानों को अच्छा ब्याज प्रदान करती है। (सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम करने का फैसला लिया वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण)


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