एमएसपी पर नरम पड़ी सरकार, चर्चा के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से मांगे 5 नाम

एमएसपी पर नरम पड़ी सरकार! चर्चा के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से मांगे 5 नाम
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नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार की ओर से तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने के बाद भी किसानों का आंदोलन जारी है। एक साल से भी अधिक समय से आंदोलन कर रहे किसान अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग पर अड़ गए हैं। कृषि कानून वापस लेने के बाद सरकार अब किसानों की इस मांग को लेकर भी नरम पड़ती नजर आ रही है। सरकार ने एमएसपी से संबंधित मसले पर बात करने के लिए पांच प्रतिनिधियों के नाम मांगे हैं।

सरकार की ओर से की गई इस पहल के बाद पंजाब के 32 किसान संगठन अपनी तरफ से दो नाम का सुझाव दे सकते हैं। जानकारी के मुताबिक सरकार और एसकेएम के बीच 19 नवंबर से ही बैक चैनल के जरिए वार्ता शुरू हो गई थी। सरकार ने मंगलवार को एसकेएम से पांच सदस्यों के नाम मांगे हैं जिन्हें एमएसपी को लेकर बनने वाली कमेटी में शामिल किया जा सके।

माना जा रहा है कि एसकेएम की ओर से ये नाम दो दिन के अंदर भेज दिए जाएंगे। अटकलें लगाई जा रही हैं कि पंजाब के किसान संगठन कमेटी के लिए दो नाम आगे कर सकते हैं। दूसरी तरफ, सोनीपत-कुंडली बॉर्डर पर किसानों की 32 जत्थेबंदियों की बैठक हुई। इस बैठक में किसान नेता सतनाम सिंह ने आंदोलन खत्म करने के संकेत दिए। किसान नेता सतनाम सिंह ने दावा किया कि सरकार ने हमारी हर मांग मान लिया है। 4 दिसंबर को आंदोलन वापस लिए जाने का ऐलान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने हर प्रदेश के मुख्यमंत्री को मुकदमे वापस लेने का प्रस्ताव भेज दिया है। हरियाणा के किसान नेता 1 दिसंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक करेंगे। सतनाम सिंह के मुताबिक मनोहर लाल खट्टर के साथ मुलाकात में आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाने को लेकर चर्चा होगी।


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