सरकार ने राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन पर जारी की मसौदा नीति

सरकार ने राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन पर जारी की मसौदा नीति
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नई दिल्ली (एजेंसी)। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (एनडीएचएम) के तहत लोगों से एकत्रित गोपनीय स्वास्थ्य आंकड़ों की सुरक्षा के लिए सरकार ने एक मसौदा नीति पेश की है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि लोगों की स्वास्थ्य संबंधी संवेदनशील जानकारियों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए हर उपाय किए जाएंगे। इस योजना के तहत देश के हर नागरिक को एक विशेष पहचान पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें उसके स्वास्थ्य संबंधी ब्योरा दर्ज होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एनडीएचएम की घोषणा की थी। मसौदा प्रस्ताव के मुताबिक एनडीएचएम के लिए नामांकन कराने वाले हर व्यक्ति को स्वास्थ पहचान पत्र दिया जाएगा। हर व्यक्ति का डाटा पूरी तरह से उसके नियंत्रण में होगा। डाटा साझा करने से पहले व्यक्ति की सहमति लेनी होगी। किसी भी व्यक्ति को कभी भी डाटा साझा करने से रोकने का अधिकार होगा।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने लोगों के लिए ‘स्वास्थ्य आंकड़ा प्रबंधन नीति का मसौदा जारी किया है। एनएचए को ही एनडीएचएम की रूपरेखा तैयार करने और उसे अमलीजामा पहनाने का जिम्मा सौंपा गया है। यह मसौदा एनडीएमएच की सरकारी वेबसाइट पर डाला गया है और उस पर लोगों से तीन सितंबर तक राय मांगी गई है।

मसौदा नीति में ‘व्यक्तियों के निजी एवं संवेदनशील आंकड़ों के सुरक्षित उपयोग/रखरखाव के लिए एक प्रारूप तैयार करने का प्रयास किया गया है। ये आंकड़े राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य परितंत्र का हिस्सा हैं।

दस्तावेज के मुताबिक राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य परितंत्र (एनडीएचई) के तहत जुटाये गए आंकड़े केंद्रीय स्तर पर, राज्य या केंद्रशासित स्तर और स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर न्यूनता के सिद्धांत का पालन करते हुए संभालकर रखे जाएंगे।

दस्तावेज के मुताबिक संघीय ढांचे में ऐसे प्रारूप का विकास आवश्यक हो जाता है जिसका गोपनीय स्वास्थ्य आंकड़ों की निजता की सुरक्षा के लिए पूरे एनडीएचई में उपयोग किया जा सके।

एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंदू भूषण ने कहा, स्वास्थ्य आंकड़ा प्रबंधन नीति व्यक्तियों की आंकड़ा निजता की रक्षा के वास्ते एनडीएचएम के ‘सुरक्षा एवं निजता डिजायनÓ मार्गदर्शक सिद्धांत को साकार करने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा, उसमें आंकड़ा निजता, सहमति प्रबंधन, आंकड़ा साझा करने और सुरक्षा जैसे स्वास्थ्य आंकड़ों के विभिन्न पहलू हैं।

खास बातें

* हर नागरिक को स्वास्थ्य पहचान पत्र मुफ्त मिलेगा

* व्यक्ति के स्वास्थ्य संबंधी ब्योरा कार्ड में दर्ज होगा

* लोगों की सहमति से डाटा लिया जाएगा, डाटा पर उनका नियंत्रण होगा

* लोगों की अनुमति से ही डाटा साझा किया जाएगा

* किसी भी समय डाटा साझा करने पर रोक लगाने का अधिकार होगा


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