दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- आरोपी भी शादीशुदा और पीडि़ता भी तो फिर झांसा देकर रेप कैसे

Justice got after 3 decades: Arrested in Pakistan on charges of espionage
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नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर एक महिला से कथित बलात्कार के मामले में 35 वर्षीय विवाहित युवक को अग्रिम जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि आरोपी पीडि़त से शादी करने में सक्षम नहीं था और पीडि़ता खुद भी शादीशुदा थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में आरोपी महिला को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता था। आरोपी याचिकाकर्ता की अग्रिम जमानत का विरोध करने वाले अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि उसने शादी का झूठा वादा करके बार-बार बलात्कार किया, जबकि उससे शादी करने का उसका कोई इरादा नहीं था।

वहीं याचिकाकर्ता ने दलील दी कि चूंकि दोनों पक्ष विवाहित थे, इसलिए उसके लिए शादी के झूठे वादे करके यौन संबंध बनाने का कोई अवसर नहीं था। न्यायमूर्ति पूनम ए बंबा ने आठ अगस्त के अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के तर्क में बल है कि याचिकाकर्ता एक विवाहित पुरुष होने के कारण अभियोक्ता (जो खुद विवाहित थी) से शादी करने के लिए सक्षम नहीं था और शादी के झूठे वादे पर उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रेरित नहीं कर सकता था।

दोनों रिश्ते में थे

यह देखते हुए कि दोनों पक्ष वर्ष 2019 से एक रिश्ते में थे और एक ही कार्यक्षेत्र साझा करते थे, अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी की स्थिति में, याचिकाकर्ता को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत के साथ रिहा किया जाएगा। अदालत ने याचिकाकर्ता को जांच में शामिल होने और अभियोक्ता से संपर्क नहीं करने के लिए कहा। कोर्ट ने युवक को आदेश दिया कि जब भी उन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा वे शामिल होंगे। साथ ही वे किसी भी तरह से पीडि़त महिला से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे।


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