गहलोत का बड़ा सियासी बयान, कहा-  ‘सरकार गिराने में शेखावत-पायलट दोनों मिले हुए थे’

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सीकर (कार्यालय संवाददाता)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार गिराने के मुख्य किरदार गजेंद्र सिंह शेखावत थे, जो सचिन पायलट के साथ मिले हुए थे। केंद्रीय मंत्री का यह कहना कि सचिन पायलट से चूक हो गई। यह साबित हो गया है कि सरकार गिराने में शेखावत सचिन पायलट के साथ मिले हुए थे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि था कि सचिन पायलट से चूक हो गई वरना राजस्थान में भी मध्यप्रदेश जैसे हालात होते।

‘शेखावत को अपनी आवाज का सैंपल देने मे क्या तकलीफ है’

सीएम गहलोत ने सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ में मीडिया से बात करते हुए कहा कि गजेंद्र सिंह शेखावत को बल्कि कोर्ट का नोटिस लेट सर्व हुआ है। वो बचते रहे, बचते रहे, ये तो कानून अपना काम करे। गजेंद्र सिंह शेखावत को अपनी आवाज का सैंपल देने मे क्या तकलीफ है। ये स्वीकार भी कर चुके है कोर्ट के अंदर दिल्ली के अंदर इनकी आवाज है वो, पुलिस वहां स्वीकार कर चुकी है। हलफनामा के अंदर। गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकेश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात है। सरकार गिराने के मुख्य किरदार थे। आप एक्सपोज हो गए है। जब आपकी फोन टैंपिग के अंदर आवाज आई। दुनिया जानती है कि आवाज आपकी है। गजेंद्र सिंह ने सरकार गिराने का षड्यत्र किया।

जनता इंतजार कर रही है शेखावत कब राजनीति छोड़ेंगे

सीएम गहलोत ने कहा कि दो गलतियां गजेंद्र सिंह शेखावत ने की। एक तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वादा नहीं किया है। एक शब्द नहीं बोला ईआरसीपी के बारे में। मैं खुद मौजूद था अजमेर में। अगर ये सिद्ध हो जाए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। तो प्रदेश की जनता इंतजार कर रही है कि गजेंद्र सिंह शेखावत कब राजनीति छोड़ रहे हैं। एक बात तो ये हैं। दूसरा उन्होंने कहा कि सचिन पायलट अगर सक्सेस हो जाते, तो पानी पहुंच जाता। 13 जिलों का मामला है। ये 13 जिलों वाले भाजपा को साफ कर देंगे। क्योंकि इतना आक्रोश है वहां। हर परिवार में आक्रोश है। क्योंकि पानी चाहिए। पीने के लिए। सिंचाई के लिए। आप राजस्थान के प्रतिनिधि हो। मंत्री हो केंद्र में। इतना महत्वपूर्ण विभाग है। राजस्थान के हित में एक योजना तो प्रधानमंत्री से समन्वय करके राष्ट्रीय परियोजना नहीं बनवा पाते। बनवा सकते हैं। अगर वो नहीं बनवा पाते तो फिर उनका नैतिक अधिकार क्या है। बात करने का।

दोनों खेमों में कोल्ड वॉर के संकेत : गहलोत के बयान से एक बार फिर कांग्रेस में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। गजेंद्र सिंह शेखावत की सचिन पायलट के साथ मिलीभगत बताकर सीएम अशोक गहलोत ने कई सियासी संकेत दे दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गहलोत के सचिन पायलट को निशाने पर लेने से यह साफ हो गया कि दोनों खेमों के बीच कोल्ड वॉर मिटा नहीं है। इसे गहलोत और पायलट खेमों के बीच जारी अंदरूनी खींचतान के और तेज होने के संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है।

एमएलए मांगते-मांगते थक जाता है, लेकिन मैं देते-देते नहीं थकता : मुख्यमंत्री ने कहा- हमारे विधायकों ने देश में इतिहास बनाया। मुझे गर्व है कि विधायकों ने एकजुटता दिखाई और सरकार बच गई हमारी। उन्होंने कहा- मुझसे एमएलए जो मांग करता है मैं उसे मंजूर करता हूं। एमएलए मांगते-मांगते थक जाता है, लेकिन मैं देते-देते नहीं थकता हूं। पिछली बार भी मैंने यही किया था, हम चुनाव नहीं जीत पाए वह अलग बात है। मैं सोचता हूं एमएलए जनता की मांग करता है। जनता की जो भी मांग होती है वहीं तो एमएलए रखता है। जनता ही माई बाप होती है। इसलिए हमारी ड्यूटी बनती है कि हम जनती की मांगों को पूरा करें।


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