सत्रावसान को लेकर गहलोत ने राज्यपाल पर साधा निशाना

Gehlot's attack on Modi, said- 'Being afraid of Congress's Chintan Shivir, BJP held a meeting'
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कहा- इशारों पर काम कर रहे, भाजपा की नीयत कब खराब हो जाए, फिर सरकार गिराने की कोशिश कर दें, इसलिए नई विधानसभा नहीं बुलाई : मुख्यमंत्री

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा सत्र का सत्रावसान को लेकर राज्यपाल कलराज मिश्र को जिम्मेदार ठहराया है। सीएम गहलोत ने कहा कि पिछली बार भाजपा के लोगों के दबाव में राज्यपाल ने विधानसभा सत्र नहीं बुलाया था। इसलिए इस बार हमने जानबूझकर सत्रावसान नहीं किया। सीएम ने कहा कि जब बहुमत नहीं होता तो राज्यपाल निर्देश देता है कि सरकार अपना असेंबली बुलाकर अपना बहुमत सिद्ध करें। राजस्थान में उल्टा हो गया। हम विधानसभा सत्र बुलाना चाह रहे थे और राज्यपाल विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति नहीं दे रहे थे। इसलिए यह नौबत आई कि हमें जानबूझकर विधानसभा सत्र का सत्रावसान नहीं किया। सीएम गहलोत ने कहा कि भाजपा के नेता विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर के बाहर धरना दे रहे हैं। इनसे पूछो कि ये नौबत क्यों आई ? विधानसभा लगातार रखी गई क्यों?

भाजपा की नीयत कब खराब हो जाए

सीएम गहलोत ने कहा कि नई विधानसभा इसलिए नहीं बुलाई, क्योंकि पता नहीं भाजपा कब नीयत कब खराब हो जाए, फिर सरकार गिराने की कोशिश हो जाए। यह तो कभी भी सरकार गिरा सकते हैं। इसलिए नियमित विधानसभा का निर्णय जानबूझकर किया है। गहलोत ने कहा कि इसकी वजह से हम कोई अध्यादेश लाते, वह नहीं ला पाए। सीएम ने आज विधानसभा सत्र में भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद राजधानी जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं बार-बार कह रहा हूं कि भाजपा ने जो नया मॉडल बनाया देश के अंदर सरकार गिराने का। ये लोकतंत्र में अच्छा नहीं है। हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अब अन्य राज्यों में उनकी नजरें हैं। ये अच्छी बात नहीं है। भाजपा ने अपने आप में हॉर्स ट्रेडिंग का और सरकार गिराने का मॉडल बना दिया है।

राजस्थान में उल्टा हुआ  : जिस तरह से विधानसभा सत्र को लेकर राज्यपाल की भूमिका रही, उसको लेकर संपादकीय लिखे गए पहले कभी नहीं लिखे गए। गहलोत ने कहा कि यह भी अपने आप में एक इतिहास है। जब बहुमत नहीं होता तो राज्यपाल निर्देश देता है कि सरकार अपना असेंबली बुलाकर अपना बहुमत सिद्ध करें। यहां उल्टा हो गया। हम विधानसभा सत्र बुलाना चाह रहे थे और राज्यपाल विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति नहीं दे रहे थे। इसलिए यह नौबत आई कि हमें जानबूझकर विधानसभा सत्र का सत्रावसान नहीं किया।

धरना देना है तो दिल्ली जाइए  : सीएम गहलोत ने भाजपा के धरने पर  कहा कि आज ये धरना देकर नाटक कर रहे हैं। नाटक करना है। धरना देना है तो दिल्ली में जाइए। गौवंश में फैले लंपी रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराएं। हमने तो 15 अगस्त को ही मीटिंग बुलाकर विपक्षी नेताओं, धर्मगुरूओं से बात की। हमारी प्राथमिकता लंपी स्किन रोग से गायों को बचाना है, जो भी संसाधन उपलब्ध करा सकते हम उसको उपलब्ध करा रहे हैं। हम तो पहले दिन से कह रहे हैं कि लंपी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करो। यह राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की तो बात केंद्र सरकार से कर नहीं रहे, लेकिन यहां पर नाटक कर रहे है धरना देने का।


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