गहलोत बोले- राजे डर गईं या हाईकमान का डंडा पड़ा, राष्ट्रपति चुनाव में हमारे 8-10 वोट बाहर जा सकते थे, पर दो ही गए

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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) और संत विजयदास के आत्मदाह को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा- ईआरसीपी पर होने वाली सर्वदलीय बैठक में वसुंधरा राजे आ रही थीं, लेकिन आज मैसेज आया कि वे नहीं आ रहीं। हम इस पर रिसर्च कर रहे हैं कि कि ऐसा क्या कारण रहा कि कल तो वे सर्वदलीय बैठक जॉइन करने की बात कह रही थीं। आज नहीं आ रहीं। आज राजे के नहीं आने का कारण समझ नहीं आ रहा। वसुंधरा राजे डर गईं होंगी या हाईकमान का डंडा पड़ा होगा। उधर, राष्ट्रपति चुनाव पर गहलोत ने कहा- हार जीत की बात नहीं, विचारधारा की लड़ाई थी। हमें मालूम था कौन बनेगा। मुझे उम्मीद थी कि आठ से 10 वोट बाहर जाएंगे। हमारे विधायक एकजुट रहे। दो ही बाहर गए।

गहलोत ने रविवार को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा- वसुंधरा राजे के कार्यकाल में ईआरसीपी शुरू हुई। वे इसके बारे में सब कुछ जानती हैं। सर्वदलीय बैठक में राजे आतीं तो हम सब मिलकर मंथन करते। इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने पर दबाव बनाते। खनन को लेकर संत के आत्मदाह के मामले में गहलोत ने कहा- धर्म का नाम आते ही बीजेपी वाले चैंपियन बन जाते हैं। संत विजयदास का आत्मदाह बहुत दुखद है। इसकी जांच करा रहे हैं। जेपी नड्डा ने कमेटी बना दी। कह रहे हैं अवैध खनन। इन्हें पता नहीं है कि जो पहाड़ है, वहां कई साल से लीगल माइनिंग हो रही है। वहां से बीजेपी राज में और पहले हमने भी खानों को शिफ्ट किया था।

आत्मदाह से लेना-देना नहीं

गहलोत ने कहा- सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ जो अभियान चलाया है, उसका संत विजयदास के आत्मदाह और संतों के आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। इस घटना से अभियान का संबंध नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह तो संयोग ऐसा रहा कि हमारी मीटिंग और घटना की टाइमिंग ऐसी हो गई कि अटकलें लगाई जाने लगीं। वहां सब लीगल माइंस हैं।

विचारधारा की लड़ाई

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा- विधायकों ने जो साथ दिया है, उसे हम भूल नहीं सकते। विधायक चाहे निर्दलीय हों या सीपीएम, बीएसपी और बीटीपी के। उन्होंने जिस तरह साथ दिया है, उसे भुला नहीं सकते। अब टेस्ट हो चुका है। राज्यसभा चुनाव में 126 वोट पड़े। अभी राष्ट्रपति चुनाव हुआ। हमारे दो विधायक बीमार थे। हमारे दो वोट बाहर चले गए। हमें आशंका थी कि ज्यादा वोट दूसरी तरफ जाएंगे, क्योंकि वह मुद्दा ही ऐसा था। राष्ट्रपति चुनाव में हार-जीत की बात नहीं, विचारधारा की लड़ाई थी। हमें मालूम था कौन बनेगा। हमारे दो ही वोट बाहर गए।

जनता माई-बाप होती है

गहलोत ने कहा- इस बार हम चाहते हैं कि सरकार रिपीट हो। हमने किसी क्षेत्र में कमी नहीं रखी। सरकार रिपीट करने के फायदे हैं। हमारी सरकार रिपीट हो जाती तो रिफाइनरी का 38 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट आज 70 हजार करोड़ का नहीं होता। हम इस बार अपने काम के हिसाब से सरकार के रिपीट होने की उम्मीद करते हैं। बाकी जनता माई-बाप होती है। हम बार-बार जनता में सरकार रिपीट करने की अपील करेंगे। इस बार हम काम को आधार बनाएंगे।

लोकतंत्र को हाईजैक कर रही है भाजपा

सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ पर गहलोत ने कहा- बीजेपी पूरे देश में एक्सपोज हो रही है। ईडी, आईटी हो इनकी क्रेडिबिलिटी बनी रहे, ये खुद दबाव में काम कर रहे हैं। इनकी क्रेडिबिलिटी नीचे आएगी तो समाज को नुकसान होगा। देश समझ रहा है। बदले की भावना से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकारें बदलने में ईडी का इस्तेमाल हो रहा है। पश्चिमी बंगाल में मंत्री को अरेस्ट कर लिया। पहले महाराष्ट्र में हमने देखा। मध्य प्रदेश में 30 से 35 करोड़ रुपए बांटे गए। बीजेपी धनबल के दम पर लोकतंत्र को हाईजैक कर रही है।


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