गहलोत बोले- मेरी सरकार कैसे बच गई यह अचंभा : कहा-  रिटायरमेंट के बाद कुछ बनने की चिंता जजेज को रहेगी तो कैसे काम चलेगा ?

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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीजेआई सहित सुप्रीम कोर्ट के जजों और देश भर के हाईकोर्ट के सीजे की मौजूदगी में बीजेपी पर हॉर्स ट्रैडिंग का आरोप लगाते हुए राजस्थान में सरकार गिराने का मुद्दा उठाया है। गहलोत ने कहा- देश में हालात बहुत गंभीर हैं। सरकारें बदल रही हैं। बताइए आप, गोवा, मणिपुर, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में सरकारें बदल दीं। शिंदे साहब बैठे हैं हमारे, एक शिंदे जी ये बैठे हुए हैं, एक शिंदे मुख्यमंत्री बन गए। ये तमाशा है? क्या लोकतंत्र है अभी देश के अंदर? कैसे रहेगा लोकतंत्र? अगर चुनी हुई सरकारें हॉर्स ट्रेडिंग से बदली जाएंगी तो कैसे चलेगा। ये तो मेरी सरकार पता नहीं कैसे बच गई, ये भी आश्चर्य हो रहा है देश के अंदर, वरना आपके सामने मैं खड़ा नहीं होता। रिजिजू जी के सामने कोई दूसरा मुख्यमंत्री आपको मिलता यहां अभी। टच एंड गो का मामला ही था वहां पर। मैं समझता हूं कि नाजुक है,हमें उसको देखना पड़ेगा।

गहलोत ने कहा- जिंदगी में मैं मुख्यमंत्री बना हूं, कोई एमएलए बनता है, एमपी बनता है, प्राइम मिनिस्टर बनता है, आप जजेज बनते हैं, कितना गर्व होता है कि जिंदगी में देश सेवा का मौका मिला है। जिंदगी एक हजार साल की नहीं होती है। जो हमें वक्त मिला है जिंदगी का, उस वक्त में कुछ करें हम लोग देश के लिए करें। उसके अंदर अगर हम लोग, ये सोचें कि रिटायरमेंट के बाद में हमें क्या बनना है, या क्या बन सकते हैं, ये चिंता ब्यूरोक्रेसी में रहेगी, जजेज में रहेगी, तो फिर कैसे काम चलेगा?

मेरी भावना पीएम तक पहुंचाइए

गहलोत ने कहा- रिजिजू अभी प्रधानमंत्री की बात कर रहे थे। मैं भी एक बात आपको कहना चाहूंगा मिस्टर रिजिजू जी, एक मेरी भावना भी आप नरेंद्र मोदी जी तक पहुंचाइए। हम बार-बार कह रहे हैं कि आज देश में तनाव है, हिंसा का माहौल है, ये नहीं होना चाहिए। लोकतंत्र उसी पर टिका हुआ होता है, टॉलरेंस पावर होनी चाहिए। टॉलरेंस जो है, वो तो लोकतंत्र के गहने के रूप में ऑर्नामेंट के रूप में है, वो आज नहीं है।

पीएम की क्रेडिबलिटी ऐसी हो गई कि लोग उनको वोट देते हैं : गहलोत ने कहा- प्रधानमंत्री जी की क्रेडिबिलिटी ऐसी हो गई है आज कि वो बात कहते हैं, लोग उनको वोट देते हैं। डेमोक्रेसी है, वो चुनाव जीतते हैं। मुख्यमंत्री हो या प्राइम मिनिस्टर हो, वो कोई बात कहेगा देशवासियों को संबोधित करेगा तो देश सुनेगा। क्या प्रधानमंत्री जी को ये नहीं कहना चाहिए कि देश के अंदर भाईचारा, प्रेम, मोहब्बत, सद्भावना रहनी चाहिए, और मैं किसी कीमत पर हिंसा को बर्दाश्त नहीं करूंगा, यही तो कहना है। मैं समझता हूं कि आप उनको कन्विंस कर सकते हो, हमारे कहने से तो वो कर नहीं रहे हैं। आप जाकर हमारी भावना पहुंचाइए।

जस्टिस पारदीवाला और सूर्यकांत के खिलाफ 116 लोगों को खड़ा कर दिया : गहलोत ने कहा- आज देश में माहौल ऐसा बन गया है जो चिंता पैदा कर रहा है। वो चिंता समाप्त होनी चाहिए। अभी जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस सूर्यकांत जी ने कुछ कह दिया, तो 116 लोगों को खड़ा कर दिया गया। हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जजों, ब्यूरोक्रेसी को, बड़े-बड़े अधिकारियों को खड़ा कर दिया, पता नहीं कौन-कौन थे वो? कैसे तो वो मैनेज किया गया? किसने मैनेज किया है और आपने एक इश्यू बना दिया देश के अंदर। देश के अंदर जो हालात हैं उन पर सुप्रीम कोर्ट के जजेज ने अपनी भावना व्यक्त की थी।

जस्टिस गोगेाई पहले सही थे या बाद में

गहलोत ने कहा- जोधपुर हाईकोर्ट बिल्डिंग के उद्घाटन में राष्ट्रपति, सीजेआई, लॉ मिनिस्टर के सामने मैंने कुछ बातें कहीं थीं। आप बताइए, 4 सुप्रीम कोर्ट जजेज ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। हम सबने कहा कि इतनी बड़ी बात कह दी। जजेज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि ये फलां-फलां हो रहा है सुप्रीम कोर्ट के अंदर और बहुत चिंता का विषय बन गया है, उनमें से एक सीजेआई बन जाते हैं मिस्टर गोगोई। बाद में वो ही तरीका चलता है जो पहले चल रहा था। तो मैंने राष्ट्रपति महोदय के सामने पूछा कि मिस्टर गोगोई पहले ठीक थे या अब ठीक हैं? समझ के परे है और बाद में वो मेंबर ऑफ पार्लियामेंट बन गए, नॉमिनेट हो गए। ये कम से कम कुछ तो बातें हम लोगों को खुद को सोचनी पड़ेंगी।


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