गहलोत ने शाह के सामने उठाया ईआरसीपी का मुद्दा , उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की जयपुर में बैठक

Before Shah's visit, Gehlot's visit to Dungarpur today, an exercise to surround the BJP through the Gujarati Patidar Mahasammelan
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राज्यों के आपसी विवादों पर हुई चर्चा, पानी बड़ी समस्या

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 30वीं बैठक शनिवार को जयपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आंतरिक सुरक्षा के लिए उभरते नए खतरों पर चिंता जताते हुए राज्यों में आपसी तालमेल बढ़ाने और कॉपरेटिव फेडरलिज्म का मुद्दा छाया रहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बने साइबर क्राइम और उग्रपंथी संगठनों की गतिविधियों पर कंट्रोल करने के लिए राज्यों को सजग और आपसी सहयोग से काम करने को कहा है। शाह ने संगठित अपराधों पर कंट्रोल करने के लिए सभी राज्यों में आपसी तालमेल और बढ़ाने की आवश्यकता जताई। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ईआरसीपी प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग की। बैठक में पुलिस मॉडर्नाइजेशन , साइबर क्राइम, संगठित अपराधों को रोकने, सीमा पार आंतकवाद के खतरों के अलावा आंतरिक सुरक्षा से जुड़े हुए मुद्दों पर चर्चा की गई। लॉ एंड ऑर्डर के अलावा सीमा विवाद और तय एजेंडों पर मंथन किया गया। अमित शाह शनिवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां से वे सीधे होटल रामबाग पैलेस गए। ये बैठक करीब पौने तीन घंटे चली, जिसमें राज्यों के करीब 60 से ज्यादा जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।।

बैठक में सीएम अशोक गहलोत, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, पंजाब के सीएम भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर, दिल्ली से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर राधाकृष्ण माथुर, जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने भी अपने राज्यों से जुड़े मुद्दों पर बात रखी।

कानून व्यवस्था के अलावा राज्यों के बीच पानी के बंटवारे और दूसरे इंटर स्टेट विवादित मुद्दों पर भी चर्चा हुई है।

अमित शाह की भाजपा नेताओं के साथ चर्चा : काउंसिल की बैठक के बाद अमित शाह भाजपा नेताओं से मुलाकात की। भाजपा नेताओं के साथ अमित शाह राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों से लेकर साल 2023 में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव की पार्टी स्तर पर चल रही तैयारियों पर चर्चा की।

बैठक में सीएम गहलोत ने  इन मुद्दों को रखा

>  राजस्थान की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए जल जीवन मिशन के वित्त पोषण पैटर्न में बदलाव कर पैटर्न को 90:10 करने और मिशन को पूरा करने की समय-सीमा को 31 मार्च 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 किया जाए।

>  राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (हृस्नस्) के तहत पात्र लाभार्थियों की सीमा में बढ़ाकर साल 2021 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर 4.46 करोड़ से बढ़ाकर 5.24 करोड़ की जाए।

>  एसटी कम्पन्सेशन की अवधि जून 2022 से बढ़ाकर जून 2027 तक की जाए। साल 2017-18 से मई 2022 तक राजस्थान को देय जीएसटी मुआवजे की लगभग 5 हजार करोड़ रूपए की बकाया राशि एकमुश्त जारी करने की मांग।

>  धोखाधड़ी में लिप्त मल्टीस्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाईटीज के विरूद्ध बने एक्ट में प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाने और राज्य सरकारों को इन सोसायटियों पर और अधिक नियंत्रण करने के लिए ज्यादा शक्तियां देने की मांग।

>   पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग।


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