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गहलोत-पायलट के व्यवहार ने दुखाया कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का दिल सोनिया को भी अखर गए गहलोत के बोल

नई दिल्ली (एजेंसी)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मधुर व्यवहार के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल के उनके बयान और 15 दिन के भीतर के व्यवहार ने कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं को भी हैरान कर दिया। वहीं, सचिन पायलट की जिद अब उन्हें कांग्रेस के अपने शुभचिंतकों के मन से नीचे उतारने लगी है। टीम राहुल गांधी के एक सदस्य का कहना है कि सचिन पायलट का बचपना और अशोक गहलोत का अमर्यादित आचरण दोनों ठीक नहीं है। सूत्र का कहना है कि इससे पार्टी की छवि और खासकर युवा कांग्रेस नेताओं को गहरा झटका लग रहा है।

सूत्र का कहना है कि राजस्थान में गहलोत और  पायलट का विवाद सतह पर आने के बाद तमाम युवा नेताओं ने उन्हें फोन किया। इनमें से बहुत से नेताओं की सचिन पायलट के साथ सहानुभूति थी। गौरतलब है कि इस बारे में वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, शशि थरूर समेत कुछ और के भी बयान आए थे। झारखंड और बिहार के कांग्रेस पार्टी के युवा नेताओं को भी यह स्थिति हजम नहीं हुई। छत्तीसगढ़ के एक विधायक का भी कहना है कि एक मुख्यमंत्री और एक उप मुख्यमंत्री में इस तरह का टकराव हैरानी पैदा करने वाला है।

– कांग्रेस अध्यक्ष को भी नहीं थी ऐसी उम्मीद

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सचिन पायलट को निकम्मा, बेकार कहना कांग्रेस अध्यक्ष को भी अच्छा नहीं लगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह किसी मुख्यमंत्री और अशोक गहलोत जैसे नेता का बयान नहीं होना चाहिए। सूत्र का कहना है कि अशोक गहलोत को अपनी मर्यादा बनाए रखने की सलाह दे दी गई है।

वहीं सचिन पायलट गुट के एक युवा नेता का कहना है कि दिल्ली के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट से सहानुभूति रख रहे हैं। अब भी कुछ नेता चाहते हैं कि सचिन पायलट मान जाएं। ऐसा करने पर उन्हें दिल्ली में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। भरतपुर जिले के नेता का कहना है कि लेकिन अभी सचिन पायलट की निगाह राजस्थान हाईकोर्ट के 24 जुलाई को आने वाले फैसले पर टिकी है।

– अभी तो कांग्रेस में हैं पायलट और 18 विधायक

सचिन पायलट कांग्रेस के नेता हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। इतना ही नहीं पायलट समेत 19 विधायक भी कांग्रेस के ही विधायक हैं। हालांकि इस बारे में पार्टी की एक युवा राष्ट्रीय महिला नेता का कहना है कि जल्द ही कुछ होने वाला है। सूत्र का कहना है कि 24 जुलाई को हाईकोर्ट का फैसला आना है। 25 या 26 जुलाई को आप देखेंगे कि पार्टी ने एक निर्णायक निर्णय ले लिया है।

इस निर्णय को अमल में लाने से पहले के तमाम होमवर्क किए जा रहे हैं। सूत्र का कहना है कि वह इससे ज्यादा अभी कुछ नहीं बता सकतीं। वह केवल इतना कह सकती हैं कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी रहेगी। सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। कहा यह भी जा रहा है कि जल्द ही अविनाश पांडे से राजस्थान का प्रभार लेकर किसी अन्य को देने की भी योजना है।


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