बेरोजगारों के लिए गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, प्रतियोगी परीक्षाओं की आयु सीमा में दी 2 साल की छूट, कोरोना के कारण 2 साल तक नहीं हो पाई थी भर्ती परीक्षाएं

- गहलोत के मंत्री जाट बोले-  शेखावत-पायलट के लिए निकम्मा शब्द सही
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान के बेरोजगारों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को ऊपरी आयु सीमा में 2 साल की छूट देने की घोषणा की है। कोरोना काल में प्रतियोगी परीक्षाओं के समय पर नहीं होने के चलते यह फैसला किया गया है। गहलोत सरकार के इस फैसले से उन लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी जो ओवर एज हो चुके हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब दो साल तक कोरोना का प्रकोप रहा, इस दौरान सरकारी नौकरी के लिए भर्ती परीक्षाएं समय पर नहीं हो पाई।

बेरोजगार अभ्यर्थियों द्वारा मांग उठाई जा रही थी कि उन्हें ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाए। शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर इसकी घोषणा की। सीएम ने ट्वीट पर लिखा कि कोविड के कारण दो वर्षों तक नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो सकीं, इसलिए आगामी प्रतियोग परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को ऊपरी आयु सीमा में दो वर्षों की छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का बेरोजगार महासंघ द्वारा भी स्वागत किया गया है।

बड़ी संख्या में अभ्यर्थी हो गए थे बाहर

राजस्थान में मार्च 2020 से लेकर मार्च 2022 तक कोरोना के आंकड़ों में लगातार उतार-चढाव आता रहा। इस दौरान राज्य सरकार को कई बार लॉकडाउन समेत अन्य पाबंदियां भी लगानी पड़ीं। इन पाबंदियों के चलते भर्ती परीक्षाएं लगातार टलती रहीं। अब फिर से भर्ती परीक्षाओं का आयोजन होने लगा है, लेकिन इस बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अधिक उम्र होने के चलते इन भर्तियों के लिए अपात्र हो गए। ओवर एज होने के चलते ये अभ्यर्थी उन्हीं परीक्षाओं में बैठने से वंचित हो गए, जो अगर समय पर होती तो ये परीक्षा में बैठ पाते। ऐसे में अब राज्य सरकार द्वारा इन अभ्यर्थियों को राहत दी गई है। अब जो भी आगामी प्रतियोगी परीक्षाएं होंगी उनमें अभ्यर्थी को ऊपरी आयु सीमा में अधिकतम 2 साल की अतिरिक्त छूट मिल सकेगी। यह राहत सरकार की ओर से आगामी दिनों में निकाली जाने वाली सभी भर्तियों पर लागू होगी।


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