गहलोत सरकार का बड़ा फैसला- राजस्थान में CBI अब सीधे नहीं कर सकेगी जांच

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पॉलिटिकल  ब्रेकिंग न्यूज
राज्यपाल से मुलाकात करते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ।
गहलोत सरकार का बड़ा फैसला- राजस्थान में CBI अब सीधे नहीं कर सकेगी जांच

  • सीबीआई की राजस्थान में एंट्री पर सीएम अशोक गहलोत ने लगाई रोक।
  • अब सीबीआई को जांच के लिए पहले राज्य सरकार की सहमति लेना जरूरी होगा।
  • राज्य सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

जयपुर – राजस्थान में जारी सियासी संकट (Rajasthan Political Crisis) के बीच गहलोत सरकार (Gehlot Govt) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीबीआई (CBI) पर बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के बाद अब राजस्थान में सीबीआई सीधे किसी मामले में जांच नहीं कर पाएगी। सीबीआई को जांच के लिए पहले राज्य सरकार की सहमति लेना जरूरी होगा। सहमति मिलने के बाद ही सीबीआई राजस्थान में किसी मामले की जांच कर पाएगी। इस संबंध में राज्य सरकार के गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

गहलोत ने लगाया थाकेंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग का आरोप
राजस्थान की गहलोत सरकार ने सीबीाई पर यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब राज्य में सरकार को लेकर सियासी खींचतान जारी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केंद्र सरकार पर आरोप लगा चुके हैं कि दबाव बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
इससे पहले सीएम गहलोत ने कहा था कि आज देश में गुंडागर्दी हो रही है, मनमर्जी के हिसाब से छापे मारे जा रहे हैं। मुझे दो दिन पहले ही पता लग गया था कि मेरे करीबियों के छापे पड़ेंगे। सीएम का यह बयान राजस्थान कांग्रेस के नेताओं के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद आया था। बता दें, राजस्थान कांग्रेस के दो बडे़ नेताओं राजीव अरोड़ा और धर्मेंद्र राठौड़ के ठिकानों पर यह छापेमारी हुई थी। सीबीआई की एंट्री पर रोक लगाने वाला चौथा राज्य बना राजस्थान
राज्य में सीबीआई की एंट्री पर रोक लगाने वाला राजस्थान चौथा राज्य बन गया है। इससे पहले छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिमबंगाल ने सीबीआई के राज्य में किसी मामले में सीधी जांच पर रोक लगाई थी। इन राज्यों में अगर किसी मामले में सीबीआई को जांच करनी है तो पहले राज्य सरकार से इजाजत लेनी होगी। गहलोत ने सचिन पायलट को कहानिकम्मा

सीएम गहलोत ने मीडिया के बीच बातचीत में कहा कि ऐसी नौबत आई ही क्यों कि आज हमारेअपने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पायलट 7 साल प्रदेश के अध्यक्ष रहे, आलाकमान का उनपर इतना विश्वास था लेकिन जिस रूप से पिछले 6 महीने से उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर पार्टी से अलग होकर साजिश रची। उन्होंने ये भी कहा कि हम जानते थे कि वो निकम्मा है फिर भी पिछले सात साल में एक बार भी प्रदेशाध्यक्ष को हटाने की मांग नहीं की।


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