गहलोत सरकार योजनाओं के बजट में कटौती से करेगी कोरोना मैनेजमेंट

Gehlot reached Jaisalmer, targeted fiercely at BJP
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। कोरोना के बढ़ते प्रकोप और 18 साल से ऊपर वालों के वैक्सीनेशन का भार राजस्थान सरकार पर पडऩे के बाद पूरा गणित गड़बड़ा गया है। पहले से ही राजस्व की कमी से जूझ रही सरकार को अब कोरोना की दूसरी लहर के बाद मेडिकल सेक्टर पर खर्च बढ़ाना पड़ रहा है। बजट पास होने के बाद अब अकेले वैक्सीनेशन के लिए ही 2300 करोड़ से ज्यादा चाहिए। सरकार ने इसके लिए अब बजट की रिस्ट्रक्चरिंग शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री के स्तर पर सरकार के वित्तीय हालात और बजट के रिस्ट्रक्चरिंग पर चर्चा हो चुकी है। वित्त विभाग ऐसी योजनाओं और कार्यक्रमों का ब्यौरा तैयार कर रहा है, जहां पर फिलहाल पैसा रोका जा सकता है। कुछ केंद्र प्रवर्तित योजनाओं पर भी बजट कटौती का असर पड़ सकता है। वित्त विभाग की एक्सरसाइज चल रही है। मोटे अनुमान के अनुसार, कई विभागों की योजनाओं के फंड में 30 फीसदी तक कटौती की जा सकती है। वैक्सीनेशन के अलावा कोरोना काल में लगातार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खर्च बढ़ेगा, जिसकी भरपाई भी इसी कटौती से की जाएगी।

डीएमएफटी के 2700 करोड़ में से कटौती होगी, विधायक फंड के 600 करोड़ लेगी सरकार

18 साल से उपर वालों के वैक्सीनेशन के लिए 2300 करोड़ रू. से ज्यादा का बजट चाहिए। वैक्सीन की कीमतें घटने के बाद यह राशि है। पहले राज्य सरकार ने 3 हजार करोड़ का खर्च बताया था। राजस्थान सरकार वैक्सीनेशन और कोरोना मैनेजमेंट पर बढ़ रहे खर्च का प्रबंधन करने की जुगाड़ में लगी है। सीएम अशोक गहलोत कह चुके हैं कि वैक्सीनेशन के खर्च का जुगाड़ करने के लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड ट्रस्ट डीएमएफटी के 2700 करोड़ रूपये में से पैसा लिया जाएगा। विधायक फंड से 600 करोड़ रूपए वैक्सीनेशन के लिए डायवर्ट किए जाएंगे।

विकास योजनाओं के बजट में भी कटौती की संभावना तलाश रही सरकार

कोरोना के कारण सरकार बहुत से विकास प्रोजेक्ट्स का पैसा काटने की संभावना भी तलाश रही है। यहां योजनाओं को कुछ समय के लिए स्थगित किया जा सकता है। उनका भी ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। पानी, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर के कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स को भी कटौती के दायरे में लिया जा सकता है।

फ्लैगशिप योजनाओं को छोड़ ज्यादातर के बजट में कटौती के आसार

वित्त विभाग हर उन योजनाओं और कार्यक्रम का ब्यौरा जुटा रहा है, जिनके बजट में कटौती होनी है। सरकार की फ्लैगशिप स्कीम को छोड़ सभी योजना और कार्यक्रम के बजट में 30 फीसदी तक कटौती की तैयारी है। केंद्र सरकार ने भी कई योजनाओं में बजट रिस्ट्रक्चर के नाम पर राज्यों को दिए जाने वाले फंड में कमी की है। उसका असर राजस्थान में भी दिखेगा।

सीएम ने कहा था, हमें अपना बजट डिस्टर्ब करना पड़ेगा

बजट में कटौती को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पिछले सप्ताह सार्वजनिक बयान दे चुके हैं। गहलोत ने कहा था कि केंद्र सरकार ने 18 साल से ऊपर वालों के वैक्सीनेशन का खर्च राज्यों पर डालने के बारे में पहले नहीं बताया। हमारा बजट पास हो चुका है। अब वैक्सीनेशन का भार आने से हमें हमारा बजट डिस्टर्ब करना होगा। हम वैक्सीनेशन के लिए डीएमएफटी, विधायक फंड से भी पैसा डायवर्ट करेंगे। बजट रिस्ट्रक्चरिंग से पैसे का जुगाड़ कर रहे हैं।


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