गहलोत ने मोदी के बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कहा- ‘देश में आपातकाल के हालात’

Gehlot called Modi's statement unfortunate, said- 'Situation of emergency in the country'
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोमवार को लोकसभा में दिए गए बयान पर अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया है। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है, जो आरोप प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर लगाए हैं वही आरोप तो कांग्रेस पहले से भाजपा और आरएसएस पर लगाते हुए आ रही है।

सीएम गहलोत ने चिंतन शिविर की समाप्ति के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि देश में तनाव का माहौल है, असुरक्षा और हिंसा का माहौल है, यही आरोप तो कांग्रेस पार्टी शुरू से केंद्र की मोदी सरकार,भाजपा और आरएसएस पर लगा रही है लेकिन अब उल्टे प्रधानमंत्री कांग्रेस पर तनाव पैदा करने का आरोप लगा रहे हैं जो कि बेबुनियाद है।

देश में आज अघोषित आपातकाल के हालात

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश में आज अघोषित आपातकाल के हालात हैं। चारों तरफ तनाव के हालात बने हुए हैं, केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी अघोषित आपातकाल की बात कही थी, लेकिन आरएसएस के दबाव के चलते बाद में वे चुप हो हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में इंदिरा गांधी के वक्त भी आपातकाल लगा था लेकिन यह बात पूरी दुनिया को पता है और कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था। केंद्र से हमारी सरकार चली गई थी लेकिन जो आज भाजपा कर रही है वह भी अघोषित आपातकाल है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इंदिरा गांधी के समय आपातकाल किस कारणों से लगा था, इसके क्या नुकसान रहे, क्या फायदा रहे यह रिसर्च का विषय हो सकता है।

हजारों लोग पैदल चलते हुए मर गए

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि हमने लोगों को भड़काया तो मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि क्या नोटबंदी और लॉकडाउन का फैसला अचानक क्यों लिया गया, नोटबंदी में सैंकड़ों लोग लाइनों में लग कर मर गए। लॉकडाउन में हजारों लोग पैदल चलकर मर गए क्या केंद्र की मोदी सरकार के पास इनका आंकड़ा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर बार कहते हैं कि वह डंके की चोट पर कांग्रेस की खामियां गिनाते रहेंगे तो मैं उनसे कहना चाहता हूं कि खामियां गिनाते-गिनाते उनका कार्यकाल निकल जाएगा। बेहतर हो कि वह जिन मुद्दों पर जीत कर आए हैं उन पर बात करें विकास के मुद्दों पर बात करें लेकिन उन्हें विकास के मुद्दों पर बात नहीं कर के केवल कांग्रेस पार्टी को कोसना है।

चिंतन शिविर में एक दूसरे को समझने का मौका मिला: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के चिंतन शिविर को लेकर कहा कि चिंतन शिविर के जरिए एक दूसरे को समझने का मौका मिला है। विधायकों से अच्छा संवाद हुआ है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हम चाहते थे कि विधानसभा सत्र से पहले विधायकों से बात की जाए क्योंकि 2023 में विधानसभा के चुनाव भी होने हैं और अच्छे माहौल में विधायकों से चर्चा हुई है। सब ने खुलकर अपनी बात रखी है, उन्होंने कहा कि ऐसे चिंतन शिविर होते रहने चाहिए। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि चिंतन शिविर के जरिए कांग्रेस के विधायकों ने एकजुटता का संदेश दिया है। राजस्थान में गुड गवर्नेंस कैसे हो उसमें विधायकों की भागीदारी भी जरूरी है। जनता ने जो आशीर्वाद देकर कांग्रेस पार्टी को जीत दी थी हम सबको जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। मैं तीसरी बार मुख्यमंत्री बना हूं और गुड गवर्नेंस के लिए काम करना मेरा मकसद है। ऐसा पहली बार हुआ है जब 3 साल के बाद जनता में सरकार के प्रति एंटी इनकंबेंसी नहीं है।


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