भगोड़े जाकिर नाइक को नहीं दिया था निमंत्रण

Fugitive Zakir Naik was not invited
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फीफा वल्र्ड कप : मेजबान कतर ने दी सफाई

नई दिल्ली (एजेंसी)।  कतर में हो रहा फुटबॉल विश्व उस वक्त विवादों में घिर गया था, जब भगोड़ा कट्टरपंथी जाकिर नाइक फीफा वल्र्ड कप-2022 के उद्घाटन समारोह में शामिल हुआ था। भारत ने इसको लेकर कतर के समक्ष कड़ी आपत्ति जताई थी। अब दोहा ने गंभीर होते इस मसले पर अपना रूख साफ किया है। कतर ने राजनयिक स्तर पर भारत को सूचित किया है कि भगोड़े जाकिर नाइक को फुटबॉल विश्व कप के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। कतर का कहना है कि अन्य देशों द्वारा इस बाबत गलत सूचना फैलाई जा रही है, ताकि भारत-कतर के द्विपक्षीय संबंध खराब हो जाएं।

भारत सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कतर को अपनी आपत्ति से अवगत कराया था। भारत ने कहा था कि यदि कतर ने भगोड़े जाकिर नाइक को औपचारिक तौर पर फुटबॉल विश्व कप के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया था तो नई दिल्ली की ओर से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ओपनिंग सेरेमनी में शिरकत करने के लिए दोहा नहीं जाएंगे। अब कतर ने भारत की आपत्ति पर नई दिल्ली को इस बारे में सूचित किया है। कतर ने कहा कि दोहा की ओर से जाकिर नाइक को औपचारिक तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया था। कतर का कहना है कि भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को खराब करने के लिए इस तरह की गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।

भारत को जाकिर नाइक की वर्ष 2016 से ही तलाश है। भगोड़े नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग के साथ ही युवाओं को आतंकवाद के लिए उकसाने का आरोप है। जाकिर नाइक पर हेट स्पीच देने का भी आरोप है। इस साल मार्च में भगोड़े जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया था। आईआरएफ पर यूएपीए की सख्त धाराओं के तहत प्रतिबंध लगाया गया है। जाकिर नाइक मलेशिया में शरण ले रखा है। भारत ने मलेशिया को इस बाबत प्रत्यर्पण आग्रह भी भेजा है। माना जाता है कि वर्ष 2020 में दिल्ली में हुए दंगों में भी उसका हाथ था। जाकिर नाइक को हेट स्पीच के चलते ब्रिटेन और कनाडा ने भी प्रतिबंधित कर रखा है।


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