आग के मैसेज को सरिस्का के सबसे बड़े अधिकारी ने किया था नजरअंदाज, तेंदुलकर की पत्नी अंजलि के ड्राइवर बने फॉरेस्ट ऑफिसर आरएन मीणा को हटाया

forest officer RN Meena, who became the driver of Tendulkar's wife Anjali, was removed
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अलवर (एजेंसी)।  सरिस्का में आग के मैसेज को नजर अंदाज कर सचिन तेंदुलकर की पत्नी को ड्राइवर बनकर सफारी कराने वाले सरिस्का के सबसे बड़े अधिकारी चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (सीसीएफ) आरएन मीणा को पद से हटा दिया गया है। उन्हें फिलहाल कोई पोस्टिंग नहीं दी गई है। जब आग लगी तो उन्हें वायरलेस पर मैसेज मिला था, लेकिन उन्होंने इग्नोर कर दिया था।

इसी लापरवाही का नतीजा है कि चार दिन से सरिस्का का जंगल धधक रहा है। 700 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल में आग फैल चुकी है। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं लग सका है, लेकिन आग के फैलने का कारण आग की ही तरह साफ दिखाई दे रहा है। यह है, वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही।

दरअसल, हुआ ये कि रविवार शाम करीब 4 बजे जंगल में आग लगी। इसका मैसेज कुछ ही देर में अधिकारियों को वायरलेस पर दे दिया गया, लेकिन इसी बीच सचिन तेंदुलकर की पत्नी अंजलि तेंदुलकर सरीखे वीआईपी मेहमान के सफारी का प्रोग्राम तय हुआ। लिहाजा सारे अधिकारी वीआईपी की आवभगत में इस कदर मशगूल हो गए कि आग बुझाना ही भूल गए।

लापरवाही इस कदर रही कि चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (सीसीएफ) आरएन मीणा खुद अंजलि तेंदुलकर के ड्राइवर बनकर उन्हें सफारी पर लेकर निकल गए। एक नहीं, बल्कि दो-दो टाइगर की साइटिंग कराई। संभवत : सीसीएफ मीणा को ये नहीं पता था कि वीआईपी की आवभगत में जंगल की आग को भूलना इतना भारी पड़ जाएगा कि हेलिकॉप्टर से भी आग पर काबू पाना मुश्किल होगा। 27 मार्च की आग 30 मार्च तक 15 से 20 किलोमीटर के जंगल में फैल चुकी है। इसे बुझाने में मंगलवार से वायुसेना के दो हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। बुधवार को भी हेलिकॉप्टर से आग बुझाने का काम जारी है।

रेंजर जितेंद्र चौधरी के पास आया था मैसेज

27 जनवरी को अंजलि तेंदुलकर शाम करीब साढ़े 4 बजे सरिस्का पहुंचीं। उसके करीब 15 मिनट पहले सवा चार बजे वायरलेस पर मैसेज आया कि बालेटा के जंगल में आग लगी है। उन्होंने यह जवाब भी दिया था कि अभी आदमी भेजते हैं। बताया जा रहा है कि सीसीएफ आरएन मीणा उस दौरान वहीं खड़े थे। आग लगने का मैसेज रेंजर ने उन्हें दिया भी था। गौरतलब है कि जहां आग लगी थी उससे करीब 30 किमी दूर अंजलि तेंदुलकर टाइगर सफारी कर रही थीं।

वीआईपी आवभगत के बाद खुद बने ड्राइवर

खास बात ये है कि तेंदुलकर की पत्नी और उनके साथ आए लोगों ने ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। उनको ऑनलाइन वाली जिप्सी की बजाय सरकारी कार से सफारी कराई गई। इसके बाद सीसीएफ खुद उस जिप्सी के ड्राइवर बन गए। कुछ लोगों के साथ वे जंगल में सफारी पर चले गए। एक घंटे के बाद ही जंगल में अंजलि तेंदुलकर को एक नहीं, बल्कि दो टाइगर की एक साथ साइटिंग करवाई।

प्रधानमंत्री ने की अशोक गहलोत से बात

सरिस्का में आग बुझाने के प्रयासों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत की है। उन्होंने जंगल में आग के हालात पर चिंता जताई है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

पहले दिन 50 हजार लीटर पानी डाला गया

सरिस्का में एयरफोर्स के दो हेलिकॉप्टर के जरिए मंगलवार को करीब 50 हजार लीटर पानी डाला गया, ताकि आग को काबू में किया जा सके। आग बुझाने में दो हेलिकॉप्टर लगे हैं। एक ने नौ चक्कर लगाए, वहीं दूसरे ने केवल 3 चक्कर। बुधवार सुबह से ही दोनों हेलिकॉप्टर के जरिए पानी डालने का काम अभी जारी है।


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