देश में 15-18 साल के पांच करोड़ युवाओं को लगी वैक्सीन की पहली डोज

Five crore youths of 15-18 years got the first dose of vaccine in the country
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में कोरोना केस में कमी दर्ज की गई है। इसी बीच भारत ने वैक्सीनेशन में एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। 15 से 18 साल के बीच के 5 करोड़ से अधिक युवाओं को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनुख मंडाविया ने ये जानकारी दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने इसके बारे में ट्विटर पर लिखा कि देश के युवा शक्ति को शुभकामनाएं। 5 करोड़ से अधिक 15 से 18 साल के युवाओं को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। यंग इंडिया महामारी से पूर्ण जोश से लड़ रहा है। बहुत बढिय़ा मेरे युवा दोस्तों। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 168.08 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक उपलब्ध कराई जा चुकी है। मंडाविया ने 8 फरवरी को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि महाराष्ट्र में 67 डॉक्टरों और 19 नर्सों ने कोविड-19 से अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा, गुजरात में कोविड-19 के कारण 20 डॉक्टरों, 20 नर्सों, 6 एम्बुलेंस ड्राइवरों और 128 पैरामेडिक्स की मौतें हुई हैं। भारत में पिछले 24 घंटों में 67,597 कोरोना केस दर्ज किए गए हैं। जिसके बाद कोविड संक्रमण की कुल संख्या 4 करोड़ 23 लाख 39 हजार 611 पर पहुंच गया है। वहीं एक्टिव केस का आंकड़ा 9 लाख 94 हजार 891 पर जा पहुंचा है। पिछले 24 घंटे में 1188 संक्रमितों की जानें चली गई। अब तक देश में कोरोना से कुल 5 लाख 4 हजार 62 मौतें हुई हैं। देश में लगातार दूसरे दिन कोरोना के एक लाख से कम केस दर्ज किए गए हैं। एक्टिव केस कुल संक्रमण का 2.35 फीसदी रह गया है। देश में फिलहाल रिकवरी रेट 96.46 फीसदी पर पहुंच गया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत अब तक देशभर में कुल 170 करोड़ वैक्सीन की डोज लोगों को लग चुकी है।  देश में लगातार दूसरे दिन कोरोना के एक लाख से कम केस दर्ज किए गए हैं। ऐसा लग रहा है कि कोरोना की लहर थमने लगी है।

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को संसद को बताया कि 15 साल तक बच्चों के टीकाकरण के बारे में सरकार विशेषज्ञ समूह के सुझावों के आधार पर फैसला करेगी।  राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान मांडविया ने पूरक सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। इससे पहले सदस्यों ने देश के विभिन्न हिस्सों में स्कूलों के फिर से खुलने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर पैदा खतरों को लेकर चिंता जताई।


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