बिटकॉइन पर वित्त मंत्री का संसद में बड़ा बयान, कहा ‘देश में क्रिप्टोकरेंसी को नहीं देंगे मुद्रा की मान्यता’

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नई दिल्ली (एजेंसी)। अगर आप दुनिया की सबसे प्रचलित क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में निवेश करते हैं तो आपको बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बिटकॉइन को भारत में करेंसी के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। साथ ही बताया कि भारत सरकार बिटकॉइन के लेनदेन का कोई डेटा कलेक्ट नहीं करती है।

शीतकालीन सत्र में सरकार क्रिप्टोकरेंसी संबंधी विधेयक पेश करेगी

वहीं, संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित विधेयक पेश कर सकती है, जिसमें निजी क्रिप्टोकरेंसी को बैन करने और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की संभावित डिजिटल करेंसी को रेगुलेट करने के लिए ढांचा तैयार करने की बात कही गई है। लोकसभा के बुलेटिन के अनुसार, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान निचले सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची में क्रिप्टोकरेंसी और आधिकारिक डिजिटल करेंसी रेग्युलेशन बिल 2021 लिस्टेड है।

मोदी सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले इस विधेयक में आरबीआई की संभावित डिजिटल करेंसी के लिए सहायक ढांचा तैयार करने की बात भी कही गई है। प्रस्तावित विधेयक में भारत में सभी तरह की प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर पाबंदी लगाने की बात कही गई है। हालांकि, कुछ मामलों में छूट भी दी जा सकती है ताकि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी टेक्नोलॉजी और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके।

प्र.म. मोदी ने क्रिप्टोकरेंसी के मुद्दे पर की थी बैठक

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी महीने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में संकेत दिया गया था कि इस मुद्दे से निपटने के लिए सख्त रेगुलेशन बनाए जाएंगे। हाल के दिनों में काफी ऐसे विज्ञापन आ रहे हैं, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश में काफी फायदे का वादा किया गया। इनमें फिल्मी हस्तियों को भी दिखाया गया है। ऐसे में निवेशकों को गुमराह करने वाले वादों को लेकर चिंता जताई जा रही थी।

पाबंदी के बजाय रेगुलेट की जानी चाहिए क्रिप्टोकरेंसी

पिछले सप्ताह वित्त मामलों पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जयंत सिन्हा ने क्रिप्टो एक्सचेंज, बीएसीसी के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि क्रिप्टोकरेंसी को बैन नहीं किया जाना चाहिए बल्कि इसे रेगुलेट किया जाना चाहिए। बता दें कि इस समय पर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर देश में कोई बिल नहीं है और न ही इस पर बैन लगा हुआ है।


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