एक्शन के डर से चीन ने जी-7 को दी चेतावनी – ‘छोटे समूह दुनिया पर राज नहीं करते’

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लंदन (एजेंसी)। दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड के कार्बिस बे में शुक्रवार को शुरू हुए जी-7 देशों के सम्मेलन से चीन बुरी तरह चिढ़ गया है। इस समूह को अपने खिलाफ गुटबाजी के तौर पर देखते हुए चीन ने रविवार को धमकी भरे अंदाज में यहां तक कह दिया कि वह दौर काफी पहले खत्म हो चुका जब कुछ देशों के ‘छोटे समूह’ दुनिया की तकदीर का फैसला करते थे।

लंदन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, वह समय काफी पहले बीत गया, जब देशों के छोटे समूह वैश्विक फैसले लिया करते थे। हम हमेशा यह मानते हैं कि देश बड़ा हो या छोटा, मजबूत हो या कमजोर, गरीब हो या अमीर सभी बराबर हैं और दुनिया से जुड़े मुद्दों पर सभी देशों के सलाह-मशविरे के बाद भी फैसला लिया जाना चाहिए।

जी-7 के नेताओं ने चीन के वैश्विक अभियान के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक बुनियादी ढांचा योजना का अनावरण किया है लेकिन फिलहाल इस पर सहमति नहीं बन पाई है कि मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चीन को किस तरह रोका जाए।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जी-7 शिखर सम्मेलन में लोकतांत्रिक देशों पर बंधुआ मजदूरी प्रथाओं को लेकर चीन के बहिष्कार का दबाव बनाने की योजना तैयार की है।

वहीं, शनिवार को कनाडाई प्र.म. जस्टिन ट्रूडो ने चीन को लेकर हुई चर्चा की अगुवाई की। उन्होंने सभी नेताओं से अपील की कि वे चीन की ओर से बढ़ते खतरे को रोकने के लिए संयुक्त कदम उठाएं। बता दें कि जी-7 देश विकासशील देशों को ऐसे बुनियादी ढांचे की स्कीम का हिस्सा बनने का प्रस्ताव देने की योजना बना रहे हैं, जो चीन की अरबों-खरब डॉलर वाली बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव को टक्कर दे सके।

दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड के कार्बिस बे में शुक्रवार को शुरू हुआ यह सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। जी-7 कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका का एक समूह है।


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