किसानों को रास नहीं आया टालने का प्रस्ताव

किसानों को रास नहीं आया टालने का प्रस्ताव
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नई दिल्ली (एजेंसी)। नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों पर केंद्र सरकार के बीच जारी गतिरोध अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की तरफ से 10वें दौर की वार्ता के दौरान कानूनों के क्रियान्वयन को डेढ़ साल तक के लिए टालने के प्रस्ताव को गुरूवार को अस्वीकार कर दिया है। सरकार की तरफ से कहा गया था कि 1.5 साल तक कानून के क्रियान्वयन को स्थगित किया जा सकता है। इस दौरान किसान यूनियन और सरकार बात करके समाधान ढूंढ सकते हैं। सभी किसानों ने तीनों कानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को फिर दोहराया। संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि मोर्चा द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि सरकार के किसी भी प्रस्ताव को तब तक स्वीकार नहीं किया जाएगा जब तक कि वे कानूनों को रद्द नहीं करती। सरकार के साथ कल की बैठक में हम कहेंगे कि हमारी केवल एक मांग है, कानूनों को रद्द करना और एमएसपी पर कानून बनाना। इन सभी को सर्वसम्मति से तय किया गया है।

आज होगी 11वें दौर की बैठक

जानकारी के अनुसार, किसान संगठनों और केंद्र सरकार की बुधवार को हुई 10वें दौर की वार्ता में सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए इन कानूनों को डेढ़ साल तक टालने का प्रस्ताव दिया था, जिस पर आज संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में विचार किया गया। शुक्रवार को 11वें दौर की बैठक में किसान सरकार को अपने फैसले से अवगत कराएंगे।

गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड निकालने पर निर्णय नहीं

वहीं, दिल्ली में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर परेड निकालने को लेकर गुरूवार को किसान संगठनों और पुलिस के बीच कोई निर्णय नहीं हो सका। कृषि कानूनों को रद्द करने और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने की मांग को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 57 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी के आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड निकालने पर अड़े हैं। बैठक के बाद किसान नेताओं ने कहा कि पुलिस ने उन्हें गणतंत्र दिवस के कारण राजधानी में घुसने से मना किया है, जबकि वे दिल्ली में रैली निकालना चाहते हैं। पुलिस की ओर से किसानों को कुंडली- मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे पर रैली निकालने का प्रस्ताव दिया है, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया है।


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