1 को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं फडणवीस, शिंदे गुट पर टिकी निगाहें

'महाराष्ट्र में जल्द होगा कैबिनेट विस्तार’, सुप्रीम कोर्ट का लंबित फैसला इसमें बाधा नहीं : फडणवीस
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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के साथ ही महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कहा जा रहा है कि भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस 1 जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने फेसबुक लाइव पर कहा, ‘मैं विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं।‘

ठाकरे ने इस्तीफे की घोषणा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद की है। दरअसल महाराष्ट्र के राज्यपाल की ओर से बृहस्पतिवार को महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए निर्देश दिया था। इसको लेकर शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत परीक्षण पर रोक लगाने के इनकार कर दिया। इसके बाद ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया। यानी अब बहुमत परीक्षण का कोई मतलब नहीं बचा।

शिंदे गुट पर टिकी निगाहें

उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा देते वक्त कहा था कि शिवसेना उनकी पार्टी है और इसे कोई उनसे नहीं छीन सकता है। ठाकरे के इस बयान ने शिंदे गुट के लिए नई चुनौती पेश की है। दरअसल एकनाथ शिंदे गुट खुद को असली शिवसेना बता रहा है। हालांकि सरकार गठन से पहले समर्थन देने के लिए शिंदे गुट को या तो एक पार्टी के रूप में खुद को साबित करना होगा या फिर उन्हें किसी अन्य दल में शामिल होना होगा। वैसे खुद को असली शिवसेना बता रहे शिंदे गुट के पास इसे साबित करने के लिए प्रयाप्त संख्या बल बताया जा रहा है।

वापस आ रहे हैं फडणवीस

वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में जनादेश का आग्रह करते हुए फडणवीस ने ‘मैं वापस आऊंगा’ का नारा दिया था। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराए गए विश्वास मत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन पर्याप्त विधायकों का समर्थन हासिल न होने से सरकार नहीं बन पाई थी।

फडणवीस के राजनीतिक पैंतरों के कारण भाजपा राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में महाराष्ट्र विकास अघाडी के उम्मीदवारों को पराजित करने में सफल रही। महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ा दल है जिसके पास 106 विधायक हैं। शिवसेना के पास 55, राकांपा के 55 तथा कांग्रेस के 44 विधायक हैं। शिवसेना ने 2019 विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा से नाता तोड़ कर शरद पवार की राकांपा और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली थी।


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