प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू, अगले 5 साल तक गाड़ी खरीद पर मिलेगा इंसेंटिव

Electric vehicle policy implemented in the state
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। प्रदेश में गहलोत सरकार ने आज से इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को लागू कर दिया है, जो अगले 5 साल तक लागू रहेगी। इस पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर सरकार के हिस्से का स्टेट गुड्स एंड सर्विस टेक्स (एसजीएसटी) नहीं लगेगा। इसके अलावा 5 हजार से लेकर 50 हजार रूपए तक का इंसेंटिव अलग से दिया जाएगा, जो अलग-अलग केटेगिरी की गाडिय़ों पर अलग-अलग होगा। हालांकि ये इंसेंटिव और छूट हर वित्तवर्ष में एक निर्धारित संख्या में खरीदे गए वाहनों पर ही दी जाएगी।

इस पॉलिसी को लाने का सरकार का मुख्य उदेश्य अगले 5 साल के अंदर राजस्थान की सड़कों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी को बढ़ाना है, ताकि फ्यूल पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके और पर्यावरण को भी कम नुकसान हो। सरकार ने अगले 5 साल तक राजस्थान में कुल दुपहिया वाहनों का 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य है। इसी तरह तिपहिया वाहनों के लिए रजिस्ट्रेशन का ये लक्ष्य 30 फीसदी, जबकि चौपहिया वाहनों के लिए 5 फीसदी रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 साल में हर साल प्रदेश में 35 लाख यूनिट्स इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादन का लक्ष्य है।

ये मिलेगा इंसेंटिव : सरकार इस पॉलिसी के तहत हर साल 1 लाख 2 व्हीलर बिक्री पर 2 हजार रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक इंसेंटिव मिलेगा। जबकि 50 हजार तिपहिया वाहन (25 हजार ई-रिक्शा और 25 हजार ई-ऑटो व लोडिंग गाड़ी) पर 4 हजार रूपए से लेकर 20 हजार रूपए तक और चौपहिया वाहन (1 हजार निजी कार, 1 हजार कॉमर्शियल कार, 2 हजार हल्की मालवाहक गाडिय़ों) पर 30 से लेकर 50 हजार रूपए तक का इंसेंटिव मिलेगा। ये इंसेंटिव गाडिय़ों की बैटरी अलग-अलग कैपेसिटी पर अलग-अलग होगा।


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