चुनाव आयोग ने कहा-अब आ गया है रिमोट वोटिंग का वक्त, तलाशेंगे संभावनाएं

चुनाव आयोग ने कहा-अब आ गया है रिमोट वोटिंग का वक्त, तलाशेंगे संभावनाएं
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नई दिल्ली (एजेंसी)। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के उत्तराखंड के एक दूरदराज के मतदान केंद्र की एक घंटे की यात्रा के कुछ दिनों बाद मंगलवार को चुनाव आयोग ने ऐसे मतदान केंद्रों पर जाने वाले मतदान अधिकारियों के पारिश्रमिक को दोगुना करने का फैसला किया है। एक बयान में चुनाव आयोग ने विशेष रूप से प्रवासियों के बीच मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए कहा। आयोग ने कहा कि समय आ गया है कि रिमोट वोटिंग की संभावनाओं का पता लगाया जाए, शायद पायलट आधार पर ऐसा किया जा सकता है।

आयोग ने कहा कि मतदाता अपने पंजीकरण के स्थान से शहरों और अन्य स्थानों पर शिक्षा, रोजगार और अन्य उद्देश्यों के लिए पलायन करते हैं। उनके लिए मतदान करने के लिए अपने पंजीकृत मतदान केंद्रों पर वापस जाना मुश्किल हो जाता है। आयोग ने महसूस किया कि अब संभावनाओं का पता लगाने का समय आ गया है। रिमोट वोटिंग शायद पायलट आधार पर की जा सके।

समिति का होगा गठन

प्रवासी मतदाताओं की समस्याओं की जांच के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। इस तथ्य को देखते हुए कि मतदाता और राजनीतिक दल प्राथमिक हितधारक हैं, इसके बाद पार्टियों सहित सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श शुरू किया जाएगा। आयोग की एक बैठक में ईवीएम-वीवीपीएटी ले जाने के लिए विशेष वॉटर और शॉक प्रूफ, अतिरिक्त सुरक्षात्मक बैकपैक या केस विकसित करने और कठिन इलाकों में मुक्त आवाजाही और मशीनों की सुरक्षा करने का भी निर्णय लिया गया। शहरी क्षेत्रों में मतदान की उदासीनता को दूर करने की कोशिश करते हुए अब सभी केंद्र और राज्य सरकार के विभाग, केंद्र और राज्य के सार्वजनिक उपक्रम और 500 से अधिक कर्मचारियों वाली कॉर्पोरेट संस्थाएं छुट्टी लेने वाले लेकिन मतदान से दूर रहने वाले कर्मचारियों का पता लगाने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी।

मतदान अधिकारियों का पारिश्रमिक होगा दोगुना

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह एक तरह सार्वजनिक शर्म की बात है क्योंकि चुनाव क्षेत्रों में लोगों को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कर्मचारियों द्वारा मतदान की सुविधा के उद्देश्य से एक दिन की छुट्टी मिलती है। आयोग ने दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में चुनाव ड्यूटी करने वाले मतदान कर्मियों के समर्पण के साथ सहानुभूति रखते हुए मतदान केंद्रों पर जाने वाले मतदान अधिकारियों के पारिश्रमिक को तीन दिन पहले दोगुना करने का फैसला किया। अब तक मतदान अधिकारियों के लिए एक ही दिन का पारिश्रमिक हुआ करता था।


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