बाइडेन की धमकी का असर: रूसी विदेश मंत्री बोले- यूक्रेन पर हमले का कोई इरादा नहीं, लेकिन अपने मुल्क की हिफाजत करना हमारा हक

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मॉस्को (एजेंसी)। यूक्रेन और रूस विवाद में फिलहाल, जंग का खतरा खत्म होता नजर आ रहा है। शुक्रवार दोपहर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कहा- यूक्रेन पर हमले का हमारा कोई इरादा नहीं है। हम किसी भी तरह की जंग का आगाज नहीं करना चाहते। हालांकि लावरोव ने ये भी साफ कर दिया कि रूसियों को अपने मुल्क की हिफाजत का उतना ही हक है, जितना किसी और देश को। लावरोव का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की गुरूवार रात दी गई उस वॉर्निंग के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो वहां के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को व्यक्तिगत तौर पर भी इसकी कीमत चुकानी होगी। व्हाइट हाउस ने पुतिन पर व्यक्तिगत तौर पर भी प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी।

लावरोव का बयान क्यों अहम?

अमेरिका और उसके नाटो सहयोगी जंग के लिए पूरी तैयारी कर चुके थे। बाइडेन ने साफ कर दिया था कि अगर रूस किसी भी वक्त यूक्रेन पर हमला करता है तो इसे नाटो पर हमला माना जाएगा और इसका माकूल जवाब दिया जाएगा। इसके बाद ब्रिटेन ने एंटी टैंक वेपन्स और कनाडा ने अपनी एक रेजिमेंट यूक्रेन भेज दी थी।

रूस भी समझ चुका था कि अगर उसने यूक्रेन पर जंग थोपी तो बात यहीं नहीं थमेगी बल्कि यूरोप के कई देशों तक यह आग फैल सकती है। अमेरिका ने रूस को लिखित में प्रस्ताव दिया था कि वो किन मांगों को मानने तैयार है।

फ्रांस और जर्मनी की मेहनत

इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से गुरूवार रात सीधे फोन पर लंबी बातचीत की। मैक्रों ने उन्हें यह साफ बता दिया कि अगर रूस ने कदम पीछे नहीं खींचे तो दुनिया के सामने एक नई जंग का खतरा पैदा हो जाएगा और यह किसी के भी हित में नहीं होगा। दूसरी तरफ, जर्मनी भी रूस पर लगातार दबाव बढ़ा रहा था कि जंग की सूरत में उसके रूस से रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसके अलावा माना जा रहा है कि चीन भी रूस पर दबाव डाल रहा था कि वो विंटर ओलिंपिक्स होने तक किसी तरह का हमला नहीं करे।

बाइडेन की धमकी क्या थी?

रूस-यूक्रेन में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के 27 डिप्लोमैट्स को देश छोडऩे का आदेश दिया था। वॉशिंगटन से यह आदेश जारी करने के अलावा बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं करने की रूसी मांग भी खारिज कर दी थी। यह बेहद सख्त रूख था। बाइडेन ने यूक्रेन पर हमले की स्थिति में रूस को कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए कहा था- अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, तो वो रूस की 85 हजार करोड़ रूपए की ‘नॉर्ड स्ट्रीम 2’ गैस पाइपलाइन को रोक देंगे। रूस की इस पाइपलाइन से यूरोप को प्राकृतिक गैस सप्लाई करने की योजना है।


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